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शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल समेत 23 अभियुक्त बरी, अदालत ने जांच पर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026.
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक समेत सभी 23 अभियुक्तों को आरोपों से मुक्त कर दिया है। यह फैसला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर मामले में आया, जिसने पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस को जन्म दिया था।
➡️अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी की ओर से दाखिल हजारों पन्नों की आरोप पत्र में कई ऐसे दावे किए गए, जिनका किसी भी गवाह के बयान से पर्याप्त समर्थन नहीं मिलता। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने आरोप पत्र में “भ्रामक दावों” का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष प्रथम दृष्टया ठोस मामला स्थापित करने में असफल रहा। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि केजरीवाल को बिना ठोस साक्ष्य के मामले में शामिल किया गया।
📍इसी प्रकरण में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को भी आरोपों से बरी कर दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सिसोदिया के खिलाफ भी प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध करने के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
👉फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन पर लगाए जा रहे आरोपों को अदालत ने खारिज कर दिया है और सत्य की जीत हुई है। उन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है और आज वह सच साबित हो गया।
➡️केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी को समाप्त करने के उद्देश्य से पार्टी के शीर्ष नेताओं को जेल भेजा गया, यहां तक कि तत्कालीन मुख्यमंत्री को भी कारावास झेलना पड़ा।
📍फैसले पर उनकी पत्नी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सत्य की हमेशा जीत होती है।
अदालत के इस निर्णय के बाद दिल्ली की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और आगामी दिनों में इसके व्यापक राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
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