Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS


केक खाने से युवक की मौत के बाद जागा खाद्य विभाग, बभनान के गोदाम पर छापा
बस्ती, 02 मार्च 2026.
जैसा कि हमेशा होता है प्रशासन की आज तभी खुलता है जब कोई बड़ी घटना हो जाती है या इसको इस तरह भी कह सकते हैं कि प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार करता है |
ऐसा ही आज हुआ जब गौर थाना क्षेत्र के महुआ डाबर गांव में केक खाने के बाद 18 वर्षीय युवक की मौत से उठे सवालों के बीच आखिरकार खाद्य विभाग की आंख खुली और वह हरकत में आ गया |
नींद से जागी बस्ती और के खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने स्टेशन रोड स्थित बभनान बाजार के उस गोदाम पर छापेमारी की, जहां से आरोपित दुकानदार द्वारा केक खरीदे जाने की बात कही गई थी।
टीम के पहुंचते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई और कई फास्ट फूड व चाय-पानी की दुकानों के भी शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। ( यह उन दुकानों की स्वच्छता और उनके यहां मिलने वाले सामानों की शुद्धता की कहानी खुद बखुद बयां करता है )
📍सोमवार दोपहर बाद गोंडा के सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय अजीत कुमार मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंकुर मिश्रा और संतोष कुमार के साथ बस्ती के सहायक आयुक्त खाद्य चितरंजन, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह तथा बृजेश वर्मा की टीम बभनान पहुंची। अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल की एक कंपनी द्वारा निर्मित केक का नमूना सील कर जांच के लिए भेजा। बताया गया कि इसी कंपनी का केक खाने के बाद रविवार को अमन सिंह की तबीयत बिगड़ी थी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
👉प्रारंभिक जांच में गोदाम संचालक ने बताया कि संबंधित माल दक्षिण दरवाजा स्थित केक एजेंसी से लाया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब सप्लाई चेन के प्रत्येक स्तर की जांच की जाएगी और निर्माता कंपनी तक पहुंचकर आवश्यक नोटिस जारी किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यहां बताते चलें कि महुआ डाबर गांव निवासी अमन सिंह ने रविवार को गांव की एक परचून की दुकान से केक खरीदा था। केक खाने के कुछ ही देर बाद उसे पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल ले गए जहां पर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसी केक का एक टुकड़ा खाने से गांव के ओंकार प्रजापति के चार वर्षीय बेटे दुर्गेश की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले बभनान के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज कैली रेफर किया गया। ग्रामीणों के अनुसार अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को अमन सिंह का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पिता संतोष सिंह ने गांव के बाहर अंतिम संस्कार किया। एहतियातन गौर पुलिस मौके पर तैनात रही।
थानाध्यक्ष गौर संतोष कुमार ने बताया कि मामले की जांच खाद्य विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खाद्य नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
⏩केक की एक स्लाइस से शुरू हुई यह घटना अब खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है, जहां खाद विभाग केवल हाथी का दांत साबित हो रहा है। बाजार में छापेमारी के बाद हड़कंप तो मचा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर नियमित निगरानी पहले होती तो शायद एक घर का चिराग न बुझता।
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