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पीएमओ के निर्देश पर चंदों ताल की जांच शुरू, केंद्रीय भूजल बोर्ड ने जुटाए जल नमूने
बस्ती, 02 मार्च 2026.
कप्तानगंज वन विभाग क्षेत्र के अंतर्गत बहादुरपुर ब्लॉक में स्थित चंदों ताल और उसके अगल-बगल के गांव की जल गुणवत्ता को लेकर अब मामला केंद्र स्तर तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर केंद्रीय भूजल बोर्ड, लखनऊ की वैज्ञानिक टीम ने रविवार को मौके पर पहुंचकर भूजल और सतही जल के नमूने एकत्र किए।
करीब 750 एकड़ क्षेत्र में फैला चंदों ताल आसपास के दर्जनों गांवों के लिए अहम जल स्रोत माना जाता है। बड़ी संख्या में ग्रामीण पेयजल के लिए हैंडपंप और स्थानीय जल स्रोतों पर निर्भर हैं। हाल के दिनों में ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि पानी के उपयोग से त्वचा रोग, पेट संबंधी शिकायतें और अन्य जलजनित बीमारियों के मामले बढ़े हैं।
मामले को तूल तब मिला जब इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी के सीईओ अजय कुमार पांडे ने प्रधानमंत्री कार्यालय के सीपीग्राम पोर्टल पर विस्तृत सुझाव पत्र भेजा। उन्होंने चंदों ताल को निगरानी स्थल घोषित करने और आसपास के गांवों के भूजल की व्यापक वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय भूजल बोर्ड को परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
रविवार दोपहर वैज्ञानिकों की टीम अठदमा गांव पहुंची और निर्धारित मानकों के अनुसार इंडिया मार्का हैंडपंप से भूजल के नमूने लिए। फूलवरिया पांडेय समेत अन्य स्थानों से सतही जल के सैंपल भी एकत्र किए गए। चंदों ताल का पानी भी सुरक्षित पैकेजिंग के साथ प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया है।
जांच के दौरान टीम ने ग्रामीणों से संवाद कर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी भी जुटाई। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही जल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि परीक्षण में हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की उम्मीद अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि चंदों ताल जीवनदायिनी स्रोत बना रहेगा या इसके संरक्षण और शुद्धिकरण के लिए बड़े कदम उठाने होंगे।
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