पुलिस कर्मियों को सीआरपी देकर जान बचाने का दिया गया प्रशिक्षण…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

पुलिस लाइन बस्ती में पुलिसकर्मियों को दिया गया सीपीआर प्रशिक्षण, कार्डियक अरेस्ट में जीवन बचाने की तकनीक समझाई

बस्ती, 14 मार्च 2026.

पुलिस लाइन बस्ती के सभागार में शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को हार्ट अटैक व कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में जीवन बचाने वाली तकनीक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण वाराणसी के राजकीय चिकित्सा अधिकारी और सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी द्वारा प्रदान किया गया।

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प्रशिक्षण के दौरान डॉ. द्विवेदी ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती तीन मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें “गोल्डन टाइम” कहा जाता है। यदि लगभग नौ मिनट तक मस्तिष्क को ऑक्सीजन नहीं मिलती है तो व्यक्ति ब्रेन डेथ का शिकार हो सकता है। ऐसे में समय रहते सीपीआर देने से पीड़ित की जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद कार्डियक अरेस्ट के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। कई बार व्यायाम, खेलकूद या नृत्य जैसी गतिविधियों के दौरान भी अचानक दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर की जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. द्विवेदी ने मानव शरीर की डमी पर सीपीआर देने की लाइव प्रस्तुति भी दी और बताया कि पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले किसी समतल और ठोस स्थान पर लिटाया जाना चाहिए। इसके बाद उसकी सांस और वायुमार्ग की स्थिति की जांच की जाती है।

उन्होंने बताया कि सीपीआर देते समय छाती के बीचों-बीच दोनों हाथों से एक मिनट में लगभग 100 से 120 बार दबाव देना होता है। हर दबाव के बाद छाती को सामान्य स्थिति में आने देना चाहिए। लगभग 30 कम्प्रेशन के बाद दो बार कृत्रिम सांस दी जाती है, जिससे शरीर में रक्त संचार बनाए रखने और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद मिलती है।

डॉ. द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट अलग-अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक में दिल तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी में रुकावट आ जाती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त पहुंचना रुक जाता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन प्रदीप कुमार तिपाठी, प्रतिसार निरीक्षक बृजेश कुमार पटेल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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