18 करोड़ का फार्महाउस, ‘ढोंगी बाबा’ का जाल और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप—कौन है अशोक खरात, कैसे फैलाया नेटवर्क…….

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18 करोड़ का फार्महाउस, ‘ढोंगी बाबा’ का जाल और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप—कौन है अशोक खरात, कैसे फैलाया नेटवर्क

नासिक, 29 मार्च 2026.

💥महाराष्ट्र के नासिक जिले से सामने आया तथाकथित ‘ढोंगी बाबा’ अशोक खरात का मामला लगातार नए खुलासों के साथ गहराता जा रहा है। महिलाओं के यौन शोषण, मानसिक नियंत्रण और आर्थिक धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे अशोक खरात को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय ने उसे 29 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा है। जांच एजेंसियां अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं।

📍अशोक खरात मूल रूप से नासिक जिले के सिन्नर तालुका के कहांडलवाडी गांव का निवासी बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी और संस्थान से जुड़ी पुस्तिकाओं के अनुसार उसने बीएससी तक शिक्षा प्राप्त करने का दावा किया है। इसके साथ ही वह खुद को मर्चेंट नेवी के सबमरीन विभाग में करीब 22 वर्षों तक कप्तान के पद पर कार्यरत बता चुका है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अब जांच का विषय बनी हुई है।

⏩करीब 15-16 वर्ष पहले अशोक खरात सिन्नर के मिरगांव गांव में आया और यहां धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की। ग्रामीणों के अनुसार उसने शुरुआत में लगभग 17-18 एकड़ जमीन खरीदी और वहां ‘शिवनिका संस्थान’ की स्थापना की। इसके बाद उसने ईशान्येश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कराया, जिसे भव्य रूप देकर धार्मिक आस्था का केंद्र बनाया गया। महाशिवरात्रि और श्रावण मास के दौरान यहां भारी भीड़ जुटने लगी, जिससे उसकी पहचान और प्रभाव तेजी से बढ़ा।

📍इसी प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अशोक खरात ने एक ऐसा तंत्र विकसित किया, जिसमें वह खासतौर पर पढ़ी-लिखी, लेकिन मानसिक या पारिवारिक समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को निशाना बनाता था। जांच में सामने आया है कि वह महिलाओं की निजी समस्याओं को ध्यान से सुनता, उनसे सहानुभूति जताता और धीरे-धीरे भावनात्मक संबंध स्थापित करता था। वह अक्सर महिलाओं से कहता था कि वे बेहद खास हैं, उनके परिवार वाले उन्हें समझ नहीं पाते और उनकी असली काबिलियत की कद्र नहीं करते। इस तरह वह उनका विश्वास जीतकर उन्हें मानसिक रूप से अपने नियंत्रण में ले लेता था।

➡️आरोप है कि इसके बाद वह तथाकथित ‘आध्यात्मिक उपचार’ और ‘एनर्जी ट्रांसफर’ के नाम पर महिलाओं को अपने फार्महाउस या संस्थान में बुलाता था। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह उन्हें नशीले पदार्थ देता और फिर उनका यौन शोषण करता था। कई पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उन्हें ‘दैवी शक्तियों’ और ‘अनिष्ट’ का डर दिखाया जाता था। अशोक खरात कथित तौर पर खुद को अलौकिक शक्तियों से युक्त बताकर महिलाओं और उनके परिवारों को भयभीत करता था, जिससे वे उसके खिलाफ खुलकर सामने नहीं आ पाती थीं।

📍जांच में यह भी सामने आया है कि अशोक खरात का फार्महाउस अत्यंत आलीशान है, जिसकी कीमत करीब 18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस फार्महाउस को उसने अपने कथित आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया था, जहां चुनिंदा लोगों को ही प्रवेश दिया जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह आम लोगों से दूरी बनाकर रखता था और केवल प्रभावशाली व्यक्तियों या महिलाओं को ही अपने करीब आने देता था। इससे उसके आसपास रहस्य और प्रभाव का एक ऐसा माहौल बना, जिसने लोगों को उसकी ओर आकर्षित किया।

➡️मामले में अब तक कुल 10 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 8 मामले यौन शोषण से जुड़े हैं, जबकि 2 मामले आर्थिक धोखाधड़ी के हैं। पुलिस को आशंका है कि शिकायतों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई पीड़िताएं अब भी सामने आने से डर रही हैं। पुलिस लगातार नई शिकायतों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा रही है।

⏩ग्रामीणों का कहना है कि अगर अशोक खरात जेल से बाहर आता है तो वह उन्हें परेशान कर सकता है, जिससे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। कई लोगों ने यह भी बताया कि जब उन्हें उसकी गतिविधियों पर शक हुआ, तब उन्होंने संस्थान से दूरी बना ली।

📍धर्म के सवाल पर अब तक आधिकारिक रूप से कोई विवाद सामने नहीं आया है, लेकिन अशोक खरात खुद को हिंदू धार्मिक परंपराओं से जोड़कर प्रस्तुत करता था और मंदिर निर्माण तथा धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों का विश्वास हासिल करता रहा। हालांकि, जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि उसने धर्म और आस्था का इस्तेमाल किस हद तक अपने निजी फायदे और अपराधों को छिपाने के लिए किया।

💥पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पुलिस हिरासत खत्म होने पर उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया है और नई शिकायतों के आधार पर उसकी हिरासत बढ़ाने की मांग की जा सकती है। जांच एजेंसियां उसके वित्तीय स्रोत, संपत्तियों, संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भी गहराई से जांच कर रही हैं।

📍यह मामला केवल एक व्यक्ति के अपराधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में आस्था के नाम पर फैल रहे फर्जीवाड़े और मानसिक शोषण के खतरनाक पहलू को भी उजागर करता है। जिस तरह से आरोपी ने लोगों की कमजोरियों, खासकर महिलाओं की भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाया, वह गंभीर चिंता का विषय है।

👉फिलहाल पूरे मामले पर अदालत के अगले फैसले और पुलिस जांच की दिशा पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की सच्चाई के और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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