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देवास में शादी के नाम पर बड़ा खेल, दूल्हे करते रहे इंतजार लेकिन नहीं पहुंचीं दुल्हनें
देवास, 27 मई 2026.
मध्य प्रदेश के देवास जिले से शादी के नाम पर ठगी का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां माता टेकरी मंदिर में रविवार 24 मई को कई युवक अपनी शादी की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। किसी के गले में फूलों की माला थी, कोई रिश्तेदारों के साथ आया था तो कई लोग किराए की गाड़ियों से बारात लेकर मंदिर पहुंचे थे। सभी को भरोसा दिलाया गया था कि अगले 24 घंटे के भीतर उनकी शादी करवा दी जाएगी, लेकिन रात बीत गई और न दुल्हनें पहुंचीं, न शादी हो सकी।
बताया जा रहा है कि युवकों से शादी कराने के नाम पर पैसे लिए गए थे और उन्हें इंदौर के एक अनाथ आश्रम की लड़कियों से विवाह कराने का झांसा दिया गया था। पीड़ितों के मुताबिक पहले युवकों से संपर्क किया गया, फिर रजिस्ट्रेशन के नाम पर रकम ली गई और ऑनलाइन दस्तावेज जमा कराए गए।
इस पूरे नेटवर्क में मुकेश बैरागी और सुनीता नाम के लोगों की अहम भूमिका बताई जा रही है। दोनों ने कई दूल्हों और उनके परिवारों से सीधे बातचीत की थी और शादी कराने का भरोसा देकर पैसे वसूले थे। रविवार सुबह से ही परिवारों को लगातार यह कहा जाता रहा कि दुल्हनें इंदौर से रवाना हो चुकी हैं और जल्द पहुंच जाएंगी। दिनभर अलग-अलग बहाने बनाए जाते रहे, लेकिन देर रात तक कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दी गई।
अपने भाई की शादी कराने पहुंचीं राजकुमारी नाम की महिला ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन दस्तावेज जमा किए थे और वहां पहुंचने के बाद उन्हें कहा गया कि कुछ लोग आने वाले हैं, लेकिन रात 12 बजे तक कोई नहीं आया।
हंगामा बढ़ने पर मुकेश बैरागी ने खुद को भी ठगी का शिकार बताते हुए कहा कि उसका बड़ा भाई दिनेश बैरागी पूरे मामले को संभाल रहा था और वही लोगों से संपर्क करवा रहा था। मुकेश का दावा है कि जो भी पैसा उसके पास आता था, वह आगे भेज देता था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। देवास के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लोगों को शादी का झांसा देकर उनसे पैसे लिए गए और तस्वीरें दिखाकर भरोसा दिलाया गया था।
पुलिस ने मुकेश बैरागी समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस घटना के बाद कई पीड़ित परिवार सामाजिक बदनामी के डर से खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। एक शिकायतकर्ता युवक ने कहा कि अगर यह बात ज्यादा फैल गई तो उसके लिए आगे का जीवन मुश्किल हो जाएगा, लेकिन वह आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जरूर लड़ेगा।
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