
Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS
जीएसटी घोटाले पर संतकबीरनगर पुलिस का बड़ा एक्शन, 25 हजार के इनामी दो आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार
संतकबीरनगर, 02 जून 2026.
करोड़ों रुपये की जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के जरिए सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह के खिलाफ संतकबीरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 25-25 हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा नें बताया कि आरोपियों की पहचान सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी और अजीत कुमार के रूप में हुई है। दोनों को दिल्ली के हरिनगर क्लॉक टावर क्षेत्र से पकड़ा गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में गठित टीम द्वारा की गई।
उन्होंने बताया कि मामला जुलाई 2025 में उस समय सामने आया था, जब राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अरविन्द कुमार ने थाना कोतवाली खलीलाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किया। आरोप है कि यादव इंटरप्राइजेज, अल्फा इंटरप्राइजेज और राधे इंटरप्राइजेज जैसी फर्मों के नाम पर कागजी लेनदेन दिखाकर लगभग 19 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी आईटीसी प्राप्त करने का प्रयास किया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। गिरोह के सदस्य जाली दस्तावेजों के आधार पर अस्तित्वहीन फर्मों का पंजीकरण कराते थे और फिर फर्जी इनवॉइस तथा ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक कंपनियों को उपलब्ध कराते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर कंपनियां टैक्स में छूट हासिल करती थीं, जबकि वास्तविक रूप से कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं होती थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से डेटा साझा करते थे। विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराया जाता था और बाद में जीएसटी रिटर्न दाखिल कर पूरे लेनदेन को वैध दिखाने का प्रयास किया जाता था। पैसों को विभिन्न बैंक खातों में घुमाकर या नकद निकालकर वापस कर देने की प्रक्रिया को ‘सर्कुलर ट्रेडिंग’ के जरिए अंजाम दिया जाता था।
इस मामले में पहले भी फरवरी 2026 में संदीप कुमार और अमन उपाध्याय नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट तथा जीएसटी एक्ट की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई गई थीं।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे फर्जी फर्मों के नाम पर जाली बिल और ई-वे बिल तैयार कर विभिन्न कंपनियों को बेचते थे, जिससे बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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