अगरबत्ती मशीन के नाम पर करोड़ों की ठगी का,भारत ग्रुप के खिलाफ पीड़ितों ने की कार्यवाही की मांग…….

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छत्तीसगढ़ से #”मेघा तिवारी”# की विशेष रिपोर्ट

रायपुर में अगरबत्ती मशीन के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, भारत ग्रुप के खिलाफ पीड़ितों ने FIR की मांग

रायपुर (छत्तीसगढ़), 05 अगस्त 2026।

रायपुर के फाफाडीह स्थित वॉलफोर्ट ओजोन में संचालित भारत ग्रुप के खिलाफ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने अगरबत्ती बनाने की मशीन, बायबैक गारंटी और घर बैठे रोजगार का झांसा देकर लाखों रुपये की वसूली की। मामले की शिकायत जनदर्शन में कलेक्टर से करने के साथ ही पीड़ितों ने रायपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है।

घर बैठे कमाई का सपना दिखाकर मशीनें बेची गईं

पीड़ितों के अनुसार, कंपनी ने प्रचार-प्रसार के माध्यम से दावा किया था कि उसकी अगरबत्ती बनाने वाली मशीन से प्रतिमाह 18 हजार से 60 हजार रुपये तक की आय हो सकती है। कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया था कि मशीन प्रतिदिन 80 से 100 किलोग्राम अगरबत्ती तैयार करेगी और उत्पादित माल को तय कीमत पर स्वयं खरीद लेगी। साथ ही मशीन की सर्विस और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी कंपनी द्वारा उठाने का वादा किया गया था।

लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी मशीनें नहीं हुईं संचालित

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपये तक की मशीनें खरीदीं, लेकिन मशीनों का सही तरीके से इंस्टॉलेशन नहीं किया गया। कई मशीनें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जबकि जो मशीनें चल रही हैं, उनका उत्पादन 15 से 20 किलोग्राम प्रतिदिन से अधिक नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

GST बिल नहीं देने और टैक्स चोरी का भी आरोप

पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि मशीनों की बिक्री के दौरान कंपनी ने वैध GST बिल जारी नहीं किया। केवल कच्चे चालान के आधार पर लेन-देन किया गया। शिकायत में इसे संभावित टैक्स चोरी का मामला बताते हुए संबंधित विभाग से जांच कराने की मांग की गई है।

कच्चे माल में कम वजन देने का आरोप

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा भेजे गए कच्चे माल का वजन दस्तावेजों में दर्ज मात्रा से कम था। कई बोरियों में 2 से 3 किलोग्राम तक वजन कम पाया गया। पीड़ितों का दावा है कि उनके पास डिजिटल कांटे से किए गए वजन की तस्वीरें और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं।

तैयार माल नहीं खरीदा, लाखों रुपये का नुकसान

पीड़ितों का कहना है कि कंपनी ने तैयार अगरबत्ती खरीदने का वादा भी पूरा नहीं किया। अलग-अलग बहाने बनाकर माल लेने से इनकार कर दिया गया, जिससे बड़ी मात्रा में तैयार माल खराब हो गया। इसके अलावा रिजेक्शन के नाम पर मनमानी कटौती किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

विरोध करने पर धमकाने और माफीनामा लिखवाने का आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब उन्होंने मशीनों की खराबी, कम वजन या भुगतान संबंधी शिकायत उठाई तो कंपनी के संचालकों और कर्मचारियों ने अनुबंध समाप्त करने तथा कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। कुछ लोगों पर माफीनामा लिखने का दबाव भी बनाया गया।

कलेक्टर से विशेष जांच और कार्रवाई की मांग

पीड़ितों ने कलेक्टर से पूरे मामले की विशेष जांच कराने, कंपनी के वित्तीय लेन-देन और नापतौल की निष्पक्ष जांच कराने, दोषपूर्ण मशीनें वापस लेने, जमा धनराशि ब्याज एवं मुआवजे सहित लौटाने तथा कंपनी के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

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