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तनिष्क शोरूम में IMPS फ्रॉड का खुलासा, सोने का सिक्का खरीदकर धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
बस्ती, 06 अगस्त 2026।
कोतवाली पुलिस एवं साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तनिष्क शोरूम से IMPS भुगतान के माध्यम से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये का सोने का सिक्का खरीदने वाले तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, पहचान संबंधी दस्तावेज और सिम कार्ड बरामद किए हैं। मामले में बरामदगी के आधार पर मुकदमे में नई धाराएं बढ़ाते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार तनिष्क शोरूम, बस्ती से 2,37,407 रुपये मूल्य का सोने का सिक्का खरीदने के बाद अभियुक्तों ने IMPS भुगतान के माध्यम से फ्रॉड कर शोरूम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया था। इस संबंध में थाना कोतवाली में मु0अ0सं0-333/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे, जिनकी तलाश लगातार की जा रही थी।
इसी क्रम में 06 अगस्त 2026 को कोतवाली पुलिस और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर एपीएन डिग्री कॉलेज ग्राउंड से तीनों वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सिद्धान्त पुत्र अजय निवासी नन्दौर थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर, फूलचन्द्र पुत्र इन्द्रजीत निवासी नन्दौर थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर तथा मयंक प्रताप सिंह पुत्र स्व. विनोद कुमार सिंह निवासी शिवपुर सहबाजगंज थाना गुलरिहा जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, तीन सिम कार्ड, 1,75,390 रुपये भारतीय मुद्रा तथा 5 नेपाली रुपये बरामद किए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त सिद्धान्त और फूलचन्द्र के विरुद्ध इसी प्रकरण में मुकदमा दर्ज है, जबकि मयंक प्रताप सिंह के विरुद्ध जनपद गोरखपुर के थाना गुलरिहा में भी एक अन्य आपराधिक मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और धोखाधड़ी में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई को सफल बनाने में प्रभारी निरीक्षक बृजानन्द सिंह, निरीक्षक ऋतुन्जय यादव, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र प्रसाद, हेड कांस्टेबल संदीप सिंह, कांस्टेबल सतीश यादव, आरक्षी विवेक कुमार वर्मा तथा हेड कांस्टेबल अंगद मौर्या (साइबर थाना) की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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