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कासगंज किशोरी हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, प्रेमी समेत चार गिरफ्तार; 1.35 लाख नकद और जेवर बरामद
कासगंज | 25 सितंबर 2026
अशोक नगर में ट्यूबवेल की छत पर मिला था 18 वर्षीय नेहा का शव
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में 18 वर्षीय युवती नेहा की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। कोतवाली कासगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मामले में समीर, अमित, अरसद और अरसलान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से मृतका के 1,35,100 रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, दुपट्टा और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है।
घटना 23 सितंबर की सुबह सामने आई थी। अशोक नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास खेत में बने ट्यूबवेल की कोठरी की छत पर 18 वर्षीय युवती का शव मिला था। शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कासगंज ओपी सिंह के निर्देशन में कई पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया।
रुपये और जेवर हड़पने के लिए हत्या की साजिश का पुलिस का दावा
पुलिस अधीक्षक ओ. पी. सिंह नें बताया कि जांच के अनुसार मुख्य आरोपी समीर की मृतका से दोस्ती थी। पुलिस का कहना है कि समीर को जानकारी थी कि युवती के पास कमेटी के रुपये और जेवर मौजूद हैं। पुलिस के मुताबिक रुपये और आभूषण हड़पने के लिए उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
उन्होंने बताया कि युवती 1,35,100 रुपये और सोने-चांदी के जेवर लेकर आरोपियों के पास पहुंची थी। इसके बाद चारों उसे खेत में बने ट्यूबवेल की कोठरी के पास ले गए। पुलिस का दावा है कि वहां पहले दुपट्टे से उसका गला दबाया गया और बाद में चाकू से गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने का प्रयास
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। इसके लिए मृतका के कपड़े, चप्पल, बैग और मोबाइल की सिम को झाड़ियों में जलाने की बात सामने आई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दुपट्टा और चाकू समेत अन्य सामान बरामद किया।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और उनके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सीसीटीवी और सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर समीर को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद उसके तीन साथियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद समीर, अमित, अरसद और अरसलान को गिरफ्तार किया गया।
एसपी ओपी सिंह के मुताबिक घटना के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सफल अनावरण पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं
घटना के बाद शव की स्थिति को देखते हुए दुष्कर्म की आशंका भी जताई गई थी। पुलिस के अनुसार शव का डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि संबंधित नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच में हत्या के पीछे नकदी और जेवर हड़पने की साजिश सामने आने की बात कही गई है। मामले में बरामद सामान, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आगे की कार्रवाई जारी है।
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