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जन्मदिन पर मंदिर से निकली खुशी, आस्था कुंज पार्क में बन गई खौफनाक रात; पीड़िता ने सुनाई कांपती आवाज में पूरी कहानी
कालकाजी गैंगरेप मामले में पीड़िता का बयान सामने आया
नई दिल्ली | 25 सितंबर 2026
जन्मदिन का दिन… मंदिर में पूजा की इच्छा… दोस्त के साथ कुछ पल बिताने का फैसला और फिर ऐसा खौफ, जिसे शायद वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएगी। दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अब पीड़िता के बयान से उस रात की भयावह तस्वीर सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, 21 सितंबर की शाम किशोरी अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर पहुंची थी। दर्शन के बाद दोनों आस्था कुंज पार्क गए। आरोप है कि पार्क में तीन युवक पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोक लिया। इसके बाद किशोरी को उसके दोस्त से अलग कर दिया गया और कथित तौर पर बंदूक व चाकू के बल पर पार्क के सुनसान हिस्से में ले जाया गया।
चिप्स का पैकेट खुला ही था कि पहुंच गए तीन युवक
पीड़िता के मुताबिक, मंदिर से निकलने के बाद उसने अपने दोस्त के साथ कुछ देर पार्क में बैठने का फैसला किया था। दोनों गेट नंबर-7 से आस्था कुंज पार्क में दाखिल हुए और एक बेंच पर बैठ गए।
इसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और दोनों से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद उसके दोस्त को अलग कर दिया गया और दोनों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए।
पीड़िता ने बताया कि उसने आरोपियों से वहीं पूछताछ करने और उसकी मां से बात करने की बात कही, लेकिन आरोपी उसे पार्क के एक अंधेरे और सुनसान हिस्से की ओर ले गए।
‘आसिफ भाई, गन निकाल’… फिर चाकू के साये में दरिंदगी
पीड़िता के बयान के अनुसार, इसी दौरान आरोपियों में से एक ने दूसरे को ‘आसिफ भाई’ कहकर बंदूक निकालने को कहा। आरोप है कि आसिफ ने काले रंग की बंदूक दिखाई और इसके बाद आरोपियों ने चाकू निकालकर उसे डराया।
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद उसे पार्क के सुनसान हिस्से में ले जाया गया। वहां आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ जबरदस्ती की। बयान में पीड़िता ने बताया कि उसकी गर्दन पर चाकू रखा गया था और वह लगातार रो रही थी।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने आरोपियों के नाम या उपनाम, उनके कपड़ों और हुलिए से जुड़ी कई अहम जानकारियां जांचकर्ताओं को बताईं। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
तीनों आरोपियों पर गंभीर आरोप
पीड़िता के बयान के मुताबिक, आसिफ के बाद उसके साथियों ने भी कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में आरोपियों की पहचान आसिफ, हेमंत और मुकेश के रूप में सामने आई है। हालांकि पीड़िता के बयान में कुछ आरोपियों को उनके उपनामों से संबोधित किए जाने का उल्लेख भी सामने आया है।
वारदात के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़िता और उसके दोस्त को धमकाया और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन वापस कर उन्हें पार्क से बाहर जाने के लिए कहा गया।
बाहर निकलते ही दोस्त ने पुलिस को दी सूचना
पार्क से बाहर आने के बाद पीड़िता ने अपने दोस्त को पूरी घटना बताई। इसके बाद उसके दोस्त ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। पुलिस को करीब 8:45 बजे सूचना मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया और उसके बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
एक आरोपी मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया, दो अन्य भी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे आसिफ को अमर कॉलोनी इलाके में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी के दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपियों हेमंत और मुकेश को भी गिरफ्तार कर लिया।
24 सितंबर को साकेत कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की जांच अभी जारी है।
CCTV और फोरेंसिक जांच से जुटाए जा रहे साक्ष्य
पुलिस इस मामले में CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच के जरिए घटना से जुड़े तथ्यों को जोड़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने नमूने भी जुटाए हैं और उनकी जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले में पीड़िता का विस्तृत बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी को सत्यापित करने में जुटी है।
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