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विधायक अंकुर राज तिवारी की शिकायत पर PWD ने बैठाई जांच, 7 सड़कों की गुणवत्ता होगी परख
संतकबीरनगर में सड़क निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, दो सदस्यीय कमेटी गठित
संतकबीरनगर। खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी की शिकायत के बाद लोक निर्माण विभाग में कराए गए सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। विधायक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रांतीय खंड संतकबीरनगर द्वारा कराए गए विभिन्न सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत की थी।
विधायक के पत्रांक 1253/M47/313/26 दिनांक 05.03.2026 एवं 27.02.2026 के आधार पर कार्यालय मुख्य अभियंता, बस्ती क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग, बस्ती द्वारा 07 मार्च 2026 को कार्यालय आदेश जारी कर दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है।
इन 7 सड़कों की होगी गुणवत्ता जांच
जांच कमेटी द्वारा निम्नलिखित सात मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी—
- चुरेब भाटपार से देवरिया लाल मुसरद का शेष भाग निर्माण कार्य।
- पंचखोरी दुधारा किमी-2 से बेला संपर्क मार्ग।
- नौरंगिया गोरयाभार से ईमिलडीहा मार्ग।
- पिपरा गंगौली सरकारी ट्यूबवेल से एकमा मार्ग।
- मैनसिर मोलानापुर से रौतापार मार्ग।
- एनएच-28 से चकमादारुल से चिलौना मार्ग का सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण कार्य।
- सरौली चेहलुम बन्हौता मार्ग का सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण कार्य।
दो सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
मुख्य अभियंता अनंत कुमार द्वारा गठित जांच कमेटी में शाकिर राव, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड (प्राखं) को अध्यक्ष तथा बीपी शर्मा, सहायक अभियंता को सदस्य बनाया गया है।
मुख्य अभियंता ने कमेटी को निर्देश दिया है कि संबंधित मार्गों की गुणवत्ता की जांच कर दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता, बस्ती वृत्त के माध्यम से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित प्रक्रिया में किसी भी विषम परिस्थिति की स्थिति में जांच कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्य का संपूर्ण उत्तरदायित्व होगा।
टेंडर राशि से अधिक भुगतान की भी होगी पड़ताल
शिकायत में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ टेंडर राशि से अधिक भुगतान किए जाने का मुद्दा भी सामने आया है। ऐसे में जांच के दौरान कार्य की गुणवत्ता के साथ भुगतान से संबंधित अभिलेखों और स्वीकृत धनराशि की भी पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति भी बन सकती है।
अब जांच कमेटी की रिपोर्ट पर निगाहें टिकी हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि संबंधित सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए गए थे या नहीं।
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