
जी.पी. दुबे
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विश्व की सबसे लेट ट्रेन जो 3. 6 साल बाद अपने गंतव्य पर पहुंची
बस्ती.
आमतौर में भारत में ट्रेन कुछ घंटे से लेकर एक या दो दिन तक देर से अपने गंतव्य पर पहुंचती हैं | वहीं जापान में ट्रेन कुछ मिनट भी नहीं लेट होती है |

आपको एक ऐसी ट्रेन के बारे में बताने चल रहे हैं जो 3 साल 6 महीने बाद अपने गंतव्य पर पहुंची |
विशाखापट्टनम से 2014 में चली एक मालगाड़ी 2018 में अपने गंतव्य बस्ती जिले में पहुंची |
बस्ती जिले के एक व्यापारी रामचंद्र गुप्ता विशाखापट्टनम से खाद लाने के लिए ट्रेन बुक की थी |
मालगाड़ी विशाखापट्टनम से अपने नियत समय से ही चली लेकिन बीच में कहां गायब हो गई इस बारे में ना तो रेलवे बता पाया और ना ही ट्रेन को खोज पाया |

आमतौर से विशाखापट्टनम से बस्ती 1400 किलोमीटर की दूरी ट्रेन लगभग 42 घंटे में पूरा कर लेती है लेकिन इस ट्रेन ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए लेट होने का विश्व रिकॉर्ड बना डाला |
ट्रेन में 14 लाख खाद के पैकेट थे और जब ट्रेन कई दिन बीत गया अपने गंतव्य बस्ती नहीं पहुंची तो व्यापारी रामचंद्र गुप्ता द्वारा द्वारा भाग दौड़ शुरू की गई तथा लिखा पढ़ी होने लगी |

काफी लिखा पढी के बाद 2014 में चली ट्रेन जब 2018 में बस्ती पहुंची तो उसे पर लदे 14 लाख की खाद खराब हो चुकी थी और व्यापारी को 14 लाख का चूना लग गया था |
इतना सब होने के बाद भी रेलवे नाथ यह बता पाए की ट्रेन कहां गायब हो गई थी, क्यों लेट हुई और ना ही ट्रेन को खोज पाई |
वहीं पूर्वोत्तर रेलवे के पी आर ओ संजय कुमार ने कहा कि ट्रेन की बगियां के पुरानी होने पर उन्हें यार्ड में भेज दिया जाता है, शायद इस ट्रेन के साथ भी यही हुआ हो |
यह आज भी रहस्य बना हुआ है कि ट्रेन कहां गायब हो गई थी

