परिवार नियोजन के लिए लड़कियों का भी उतना शिक्षित होना जरूरी है जितना लड़कों का

जी.पी.दुबे
97210 71175

परिवार नियोजन के लिए लड़कियों का भी उतना शिक्षित होना जरूरी है जितना लड़कों का

बहराइच 31 अगस्त 24 .
जरवल के ग्राम पंचायत हरवा टांड में स्वास्थ्य मेले का आयोजन पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इण्डिया द्वारा स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में मोबिअस फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से उम्मीद परियोजना के अंतर्गत किया गया।
संस्था पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इण्डिया उत्तर प्रदेश में परिवार नियोजन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु बहराइच जिले के जरवल ब्लॉक के सभी 121 गाँवों में मोबिअस फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से उम्मीद परियोजना का संचालन कर रही है।


जिसका मुख्य उद्देश्य जनसमुदाय में परिवार नियोजन सम्बन्धी जागरूकता एवं स्वीकार्यता को बढ़ावा देना,महिलाओं के साथ ग्रुप मीटिंग,लक्षित दम्पत्तियों के साथ गृह भ्रमण द्वारा सम्पर्क,वीएचएसएनडी में आशा एवं एएनएम को सहयोग, वीएचएसएनसी सदस्यों का परिवार नियोजन में जुड़ाव, समुदाय के साथ विवाह की सही उम्र एवं लिंग आधारित भेदभाव जैसे विषयों पर जनजागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजेश सिंह, सहायक विकास अधिकारी , जरवल ने परिवार नियोजन के महत्व को बताते हुए कहा कि जब परिवार सीमित रहेगा, तभी परिवार में पूरी खुशियाँ मिलेंगी,इसके लिए लड़कियों का साक्षर होना भी उतना ही आवश्यक है, जितना की लड़कों का। बहुसंख्यक आबादी वाले प्रदेश में जहाँ आबादी एक संसाधन है वही इसकी कुछ चुनौतियाँ भी हैं। इसके अतिरिक्त यहां एक चौथाई आबादी 10-19 वर्ष की है, यह सक्षम हो तो हम प्रगति के नए अवसर भी प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में कल्लन इदरीसी, जिला संगठन आयुक्त, भारत स्काउट और गाइड्स ने बताया कि बहराइच में बाल विवाह बहुत बड़ी समस्या है, बाल विवाह के लिए भारत में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 है, इसके अंतर्गत दण्ड का प्रावधान भी है,इस अधिनियम के अंतर्गत 21 वर्ष से कम आयु का लड़का और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के विवाह को बाल-विवाह के रुप में परिभाषित किया गया है।जिसमें 2 वर्ष के लिए कठोर कारावास की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

मेले में उपस्थित ग्राम प्रधान मो. उमर ने कहा कि परिवार नियोजन में महिलाओं के साथ पुरुषों की भी समान भूमिका है,इसलिए पुरुष द्वारा भी परिवार पूरा होने पर नसबंदी अपनाया जा सकता है।
इसी क्रम में जितेन्द्र सिंह, मिशन मैनेजर,यू.पी.एस.आर.एल.एम. ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए परिवार नियोजन में युवाओं,पुरुषों एवं नवदम्पत्तियों की भागदारी हेतु प्रोत्साहित करते हुए इनके महत्वपूर्ण भूमिका को सम्बोधित किया।
आज पर्यावरण में तेजी से बदलाव आ रहा है और संसाधन भी सीमित हो रहे है, इसका उपयोग सही एवं पूर्ण होना आवश्यक है, इसमें संतुलन बनाये रखने के लिए परिवार नियोजन जैसे कार्यक्रमों की मुख्य भूमिका है।


इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 700 महिलाओं और बच्चों तथा किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य जाँच एवं दवा वितरण किया गया।
इस मेंले में विभिन्न विभागों के स्टाल के साथ साथ पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इण्डिया द्वारा उम्मीद परियोजना के अंतर्गत परिवार नियोजन व् किशोर स्वास्थ्य के साथ खेलो और जीतो स्टाल के माध्यम से स्वास्थ्य जाँच और जानकारियाँ दी गयी और विजेताओं को उनको गिफ्ट भी दिए गए।
लोगों के ध्यान खीचने का मुख्य आकर्षण सेल्फी बूथ ने किया,जहाँ पर उपस्थित अतिथियों, स्वास्स्थ्य कर्मी एवं किशोर-किशोरियों द्वारा अलग अलग संदेश के साथ सल्फी लिया।
उक्त सम्मेलन में आशा, ए.एन.एम.,प्रधान तथा जनसमुदाय सभी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में परिवार नियोजन साधनों के बारें में बताया गया की सभी स्वास्थ्य केंद्र से निःशुल्क कंडोम, माला-एन,छाया गोली, कॉपर टी एवं अंतरा साधन को अपनाया जा सकता है एवं परिवार पूरा होने पर नसबंदी की सेवा भी प्राप्त की जा सकती है। सभी साधन सुरक्षित है एवं इसके अपने अपने कार्य करने के तरीके है। जिसमें लोगों ने आगे आकर कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम में उपरोक्त के अतिरिक्त डॉ.अशोक, डॉ अभिषेक, रविन्द्र चौधरी स्वास्थ्य काउंसलर,प्रधानाचार्य, प्राथमिक विद्यालय, आशा,एएनएम एवं आई.सी.डी.एस. द्वारा विभागीय सेवाएँ दी गयीं।
पॉपुलेशन फाउंडेशन से अभिषेक पाठक,अवधेश, शिवबहादुर एवं बिंदु की उपस्थिति रही।

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