राजधानी में अब महिला दरोगा भी नहीं सुरक्षित तो बाकी महिलाओं का क्या..

राजधानी में महिला दरोगा ही नहीं सुरक्षित तो बाकी..

लखनऊ 17 सितंबर 24.
दबंगो, शोहदों और बदमाशों का मां इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता को तो छोड़िए पुलिस भी नहीं है उनसे सुरक्षित |

मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है जहां पर महिला दरोगा को शोहदे के साथियों ने बंधक बना लिया।
बदमाश छेड़छाड़ के मुकदमे में महिला दरोगा से सुलह करने का दबाव बना रहे थे।
इसके पहले महिला दरोगा ने अंशुमान पांडेय के दो अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीबीडी कोतवाली में तैनात महिला दरोगा को काफी समय से परेशान कर रहे शोहदे के साथियों ने कुम्हारनपुरवा स्थित महिला दरोगा के आवास से बंधक बना लिया और
कार में बैठाकर सतरिख रोड की ओर भाग निकले।
दरोगा ने अपने भाई और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी तो रास्ते में उतारकर चले गए।
महिला दरोगा ने बीबीडी कोतवाली में पहले से परेशान कर रहे अंशुमान पांडेय के दो अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि पहले से दर्ज छेड़छाड़ का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया गया।

कुम्हारनपुरवा निवासी महिला दरोगा के मुताबिक प्रयागराज के हंडिया निवासी अंशुमान पाण्डेय काफी वक्त से उसे परेशान कर रहा हैं पीछा करने के साथ नम्बर बदल कर फोन करता रहता था।
इससे परेशान होकर पीड़िता ने 13 अगस्त को महिला थाने में अंशुमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। दरोगा के इस कदम से भड़के अंशुमान ने दरोगा पर लगातार मुकदमा वापस लेने के दबाव बनाने लगा।

पपीड़िता के मुताबिक 11 सितंबर की रात करीब 12 बजे गेट पर दस्तक हुई।
दरोगा बाहर निकली तो दो लोग खड़े थे। उन्होंने कहा कि आपके खिलाफ नोटिस आया है। युवकों की बात सुन कर दरोगा घर में वापस जाने लगी तो उन दोनों ने दरोगा को पकड़ लिया और कार में बैठा कर भाग निकले।

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