
Gyan Prakash Dubey
झुंझुनूं में चमत्कार: चिता पर जीवित हुआ मृत घोषित व्यक्ति, प्रशासन और डॉक्टर हैरान
राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। 47 वर्षीय रोहिताश, जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, अंतिम संस्कार के दौरान चिता पर जीवित हो गए। इस अप्रत्याशित घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी है और प्रशासनिक अमले को भी हरकत में ला दिया है।
डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, दो घंटे तक रखा गया मुर्दाघर में
रोहिताश, जो बगड़ कस्बे के मां सेवा संस्थान के आश्रम में रहते हैं और बोलने-सुनने में असमर्थ हैं, की तबीयत खराब होने पर उन्हें झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर 1 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और उनके शव को मुर्दाघर के डीप फ्रिज में दो घंटे तक रखा गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद शव उनके आश्रम के पदाधिकारियों को सौंप दिया गया।
चिता पर रखे जाने के बाद लौटी सांसें
शाम करीब 5 बजे जब शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया और चिता पर रखा गया, तो वहां मौजूद लोगों ने देखा कि रोहिताश की सांसें चलने लगीं और उनका शरीर हिलने लगा। इस दृश्य से लोग भयभीत हो गए और तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल, रोहिताश का इलाज आईसीयू में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है।
प्रशासन और डॉक्टर जांच में जुटे
इस घटना ने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला कलेक्टर राम अवतार मीणा ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या रोहिताश की वास्तव में मृत्यु हुई थी या यह चिकित्सीय लापरवाही का मामला है।
क्या था चमत्कार या लापरवाही?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि डीप फ्रिज में दो घंटे तक रहने के बावजूद रोहिताश जीवित कैसे बचे? क्या यह सच में कोई चमत्कार था, या फिर चिकित्सकीय गलती? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इसके रहस्य का जवाब जानने के लिए उत्सुक है।
