
Gyan Prakash Dubey
संबंध बनाने के बाद दहेज के लिए रिश्ता तोड़ने का आरोप
नवाबगंज 24 नवंबर 24.
नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली एक युवती ने युवक और उसके परिवार पर दहेज के लिए रिश्ता तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।
युवती का कहना है कि पांच माह पूर्व उसका रिश्ता पड़ोस के गांव में रहने वाले एक युवक के साथ तय हुआ था। रिश्ते की शुरुआत में युवती के पिता ने युवक को 50 हजार रुपये नकद दिए थे।
अब शादी की तारीख तय होने के बाद युवक और उसके परिवार ने 19 लाख रुपये दहेज की मांग की है। असमर्थता जताने पर युवक ने शादी से इंकार कर दिया। युवती ने न्याय की गुहार लगाते हुए थाना पुलिस में तहरीर दी है।
रिश्ता तय होने के बाद शुरू हुई बातचीत
युवती ने बताया कि रिश्ता तय होने के बाद युवक ने उससे फोन पर बातचीत शुरू कर दी थी। युवक ने अपनी मीठी बातों में फंसा कर आठ नवंबर को उसे अपने साथ मथुरा ले जाने की बात कही। वहां उसने एक होटल में ठहराया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
युवती के अनुसार मथुरा से लौटने के बाद युवक उसे अपनी मौसी के घर भी ले गया और वहां भी उसके साथ संबंध बनाए। युवती ने इस दौरान शादी के वादे पर युवक पर भरोसा किया। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से अप्रैल महीने में शादी की तारीख भी तय कर दी गई।
शादी तय होने के बाद युवक और उसके परिवार वालों ने दहेज में 19 लाख रुपये की मांग रख दी। युवती के परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई। इसके बाद युवक ने शादी से इंकार कर दिया और रिश्ता तोड़ने की बात कही।
पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी और न्याय की मांग की है।
युवती का आरोप है कि युवक ने पहले भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ संबंध बनाए और अब दहेज की मांग कर रिश्ता तोड़ दिया।
पुलिस का कहना है कि युवती की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
युवक और उसके परिवार पर दहेज निषेध अधिनियम 1961 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
अगर युवक ने शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाए हैं, तो यह मामला आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) के अंतर्गत आता है।
समाज के लिए संदेश
यह घटना समाज में दहेज प्रथा की गंभीर समस्या को उजागर करती है।
और इस तरफ यह भी ध्यान दिलाता है की शादी जब तक ना हो जाए तब तक लड़की और लड़की की बीच में दूरी बनी रहनी चाहिए |
एक ओर जहां महिलाओं के अधिकारों की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं महिलाओं के शोषण को दर्शाती हैं। समाज को दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना चाहिए।


