
Gyan Prakash Dubey
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने बनाया अद्भुत मेटामैटेरियल: सैनिक और जहाज बन सकेंगे अदृश्य..
कानपुर 28 नवंबर 24.
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अनोखा मेटामैटेरियल तैयार किया है, जो किसी भी इमेजिंग तकनीक को चकमा देकर सैनिकों और जहाजों को अदृश्य बनाने में सक्षम है। यह तकनीक भारतीय सेना के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है।
तीन वैज्ञानिकों की टीम ने किया कमाल
इस तकनीक को विकसित करने में आईआईटी कानपुर के तीन प्रमुख वैज्ञानिकों का योगदान है—प्रो. कुमार वैभव श्रीवास्तव, प्रो. एस. अनंत रामकृष्णन, और प्रो. जे. रामकुमार। 2010 में प्रो. कुमार वैभव ने इस परियोजना पर काम शुरू किया। बाद में, अन्य दो वैज्ञानिक भी इस मिशन से जुड़ गए।
2018 में इस मेटामैटेरियल के पेटेंट के लिए आवेदन किया गया, जो अब मंजूर हो चुका है। इस तकनीक का परीक्षण पिछले छह वर्षों से भारतीय सेना के साथ मिलकर किया जा रहा है।
रडार और थर्मल इमेजिंग को दे सकता है धोखा
यह मेटामैटेरियल दुश्मन के रडार, सैटेलाइट, इंफ्रारेड कैमरा, ग्राउंड सेंसर और थर्मल इमेजिंग सिस्टम को धोखा देने में सक्षम है। 2019 में भारतीय सेना ने ऐसी तकनीक की मांग की थी, जो दुश्मन की निगरानी तकनीकों को निष्प्रभावी कर सके। इसी के तहत यह तकनीक विकसित की गई।
एक साल में सेना को मिल सकता है यह मैटेरियल
मेटातत्व कंपनी के एमडी और पूर्व एयर वाइस मार्शल प्रवीण भट्ट ने बताया कि अगर सरकार से जल्द मंजूरी मिलती है, तो यह मेटामैटेरियल एक साल के भीतर भारतीय सेना को उपलब्ध कराया जा सकता है।
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
यह तकनीक न केवल देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगी, बल्कि भारत को एडवांस डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।


