दुखद: सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या किसी भी अपराधिककृत तथा दैवी आपदा से कहीं ज्यादा – आईजी

👉 आईजी, जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक ने की सड़क सुरक्षा मेमो का पालन करने की अपील

जी.पी. दुबे
97210 711 75

सड़क सुरक्षा मांह का हुआ समापन

👉 लम्हों ने खता की सदियों ने सजा पाई है- जिलाधिकारी

बस्ती 30 नवंबर 24.
पूरे 1 महीने तक चलने वाला सड़क सुरक्षा माह का आज पुलिस यातायात कार्यालय पर औपचारिक कार्यक्रम के साथ जिलाधिकारी रवीश गुप्ता,पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह , अपर जिलाधिकारी तेजपाल सिंह चौहान के उपस्थिति में संपन्न हो गया |
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि आइजी आर के भारद्वाज द्वारा कार्यक्रम स्थल पर फीता काटकर हुआ |
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि यातायात माह नवंबर में पुलिस तथा ट्रैफिक पुलिस द्वारा लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए चालान काटा गया | लगभग 8 हजार छात्र-छात्राओं तथा आम जनता को एवं 1098 ट्रैक्टर चालकों को सड़क पर यातायात का पालन करने के लिए कार्यक्रम के जरिए बताया गया |
उन्होंने बताया कि 2023 में बस्ती जिले में 456 दुर्घटनाओं के सापेक्ष 316 लोगों की असामायिक मृत्यु हो गयी | जबकि 2024 में कमी आयी है |
उन्होंने बताया कि नवंबर महीने में 42 दुर्घटनाओं के सापेक्ष 31 लोगों की मृत्यु हो गई |
पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवेयरनेस प्रोग्राम पूरे साल चलता है |
उन्होंने सभी को यातायात नियमों का पालन करते हुए सड़क पर चलने के लिए अपील किया |
उन्होंने कहा एक छोटी सी चूक हमारे परिवार भविष्य को अंधेरे में डाल सकती है |
उन्होंने कहा कि पुलिस -प्रशासन के साथ मिलकर दुर्घटना प्वाइंटों को चिन्हित कर दुर्घटना कम करने के लिए कार्य कर रही है |
उन्होंने कहा कि पुलिस जो चालान करती है वह आपके फायदे के लिए क्योंकि वह बताती है कि आप नियमों का पालन करेंगे तो सुरक्षित रहेंगे |
जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने का प्रयास करता है और इस बारे में हम लगातार इस कोशिश में है कि सुविधाएं बेहतर से बेहतर हूं जिससे दुर्घटनाएं कम हो |
उन्होंने बताया कि दैविक आपदा में जितने लोग मृत को प्राप्त होते हैं उससे कई गुना ज्यादा रोड दुर्घटना में लोग मर जाते हैं |
उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते समय तीन तरह की ड्राइविंग होती है | इसमें एक हम बचा के चल रहे हैं अगला वाला भी बचाएगा |
दूसरा सड़क हमारी है हम चाहे जैसे चलें सामने वाला बचेगा या बचाएगा |
और तीसरा कि हम सही चलें सामने वाले को यह मार के चलें कि उसे कुछ नहीं आता और हमको खुद बचाना है और उसको बचाना है |
उन्होंने कहा इसमें तीसरा सबसे उत्तम ड्राइविंग है कि हम खुद बचे और उसको भी बचाएं |

मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आइजी आर के भारद्वाज ने कहा कि हमारा लक्ष्य दुर्घटनाओं को कम करने मैं नहीं बल्कि उसे पूरी तरह समाप्त करने में होना चाहिए |
उन्होंने कहा कि आंकड़ों पर गौर करें तो धारा 302 में 23 तथा 304 में 18 कल मामले हुए हैं लेकिन दुर्घटनाओं में हो रहे मौत का मामला में इससे कई गुना ज्यादा है |
उन्होंने कहा कि सेफ ड्राइविंग,बच्चों को शिक्षा, अवेयरनेस बहुत जरूरी है |
उन्होंने कहा कि दुर्घटना के मामलों में घायल को बचाने के लिए गोल्डन आवर का बहुत महत्व है | लेकिन सभी को इसका ज्ञान होना बहुत जरूरी है कि किस जगह के एक्सीडेंट में किस तरह शरीर को रखा जाए |
अंत में अपर पुलिस अधीक्षक ने सभी लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील किया |
कार्यक्रम में उन पांच लोगों को हेलमेट प्रदान किया गया जिनके परिजन बगैर हेलमेट लगाए बाइक दुर्घटना में मर गए थे |
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी, ह्ररैया संजय कुमार सिंह तथा रुधौली , क्षेत्राधिकारी यातायात, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन, थानाध्यक्ष पुरानी बस्ती महेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली राणा देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी ट्रैफिक पुलिस अवधेश त्रिपाठी सहित पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा आम जनता उपस्थिति रही |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *