
पुदुकोट्टई: भाई-बहन के अटूट प्यार की दर्दनाक दास्तां
तमिलनाडु के पुदुकोट्टई जिले के मंडैयूर गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। यह कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि जिंदगी का वह कड़वा सच है, जिसे सुनकर रूह कांप उठे।
छोटी-सी तकरार, बड़ा हादसा
सिथिराईकुमार और जीविता एक सामान्य दंपति हैं, जिनका परिवार हंसी-खुशी से भरा हुआ था। उनके दो बच्चे — 18 साल का बेटा और 11 साल की बेटी, जिनकी आपसी नोकझोंक भी प्यार का ही एक रूप थी। मगर किसे पता था कि एक छोटी-सी तकरार उनके जीवन में ऐसा तूफान ले आएगी, जिससे पूरा परिवार बिखर जाएगा।
मोबाइल फोन बना मौत की वजह
घटना के दिन, भाई-बहन के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और गुस्से में भाई ने अपनी बहन का मोबाइल फोन तोड़ दिया। यह छोटी-सी बात बहन के दिल को इतनी गहराई से चुभी कि उसने आक्रोश में पास के कुएं में छलांग लगा दी। बहन को बचाने की कोशिश में भाई भी बिना सोचे-समझे उसके पीछे कुएं में कूद गया। दुर्भाग्यवश, पानी ने दोनों को हमेशा के लिए अपनी आगोश में ले लिया।
गांव में पसरा मातम
इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। घर की दीवारें शायद अब भी उन दोनों की हंसी को महसूस कर रही होंगी, लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा है — ऐसा सन्नाटा जो दिल को चीर जाता है।
दोनों के शवों को त्रिची सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद गांव लाकर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि एक ऐसा सबक है, जो हमें यह सिखाता है कि जीवन में क्षणिक गुस्से और तकरार के आगे इंसानी रिश्तों की कीमत कहीं अधिक होती है।
NGV PRAKASH NEWS

