पुणे बस रेप कांड में 23 गार्ड सस्पेंड, अजित पवार बोले – ‘सिर्फ फांसी ही सजा’

पुणे बस रेप कांड: 23 गार्ड सस्पेंड, अजित पवार बोले – ‘सिर्फ फांसी ही सजा’, 5 बड़े अपडेट

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में बस स्टैंड पर खड़ी एक बस में महिला से रेप की वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना स्वारगेट बस स्टैंड पर हुई, जहां से कुछ ही मीटर की दूरी पर पुलिस थाना स्थित है। मंगलवार तड़के करीब 6 बजे घटी इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।

इस जघन्य अपराध के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने कार्रवाई करते हुए डिपो के 23 सुरक्षा गार्डों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोषी को फांसी से कम कोई भी सजा मंजूर नहीं होगी। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मंत्रालय में एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

आइए जानते हैं इस केस से जुड़े 5 बड़े अपडेट:

1. कैसे हुई वारदात?

मंगलवार सुबह 5:45 बजे पीड़िता फलटन जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। तभी आरोपी दत्तात्रय रामदास गाडे उसके पास आया और ‘दीदी’ कहकर बुलाया। उसने महिला को बताया कि उसकी बस दूसरे प्लेटफॉर्म पर आ गई है। इसके बाद आरोपी उसे एक खाली बस में ले गया। पहले तो महिला ने अंदर जाने से इनकार कर दिया, लेकिन आरोपी ने कहा कि अंदर लाइट कम है, वह टॉर्च की मदद से जांच कर सकती है। जैसे ही महिला अंदर गई, आरोपी ने जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद महिला ने तुरंत शिकायत नहीं की, बल्कि बस से फलटन चली गई। रास्ते में उसने एक दोस्त को फोन पर घटना की जानकारी दी। दोस्त के कहने पर उसने पुणे में ही उतरकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

2. आरोपी कौन है? कब तक पकड़ा जाएगा?

सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान 36 वर्षीय दत्तात्रय रामदास गाडे के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गाडे के खिलाफ पहले भी चोरी और चेन स्नैचिंग के मामले दर्ज हैं। पुणे पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई हैं और डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही है।

डिपो के 23 सुरक्षा गार्डों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने नए सुरक्षा गार्डों की तत्काल भर्ती का आदेश दिया है। स्वारगेट एसटी डिपो प्रबंधक और यातायात नियंत्रक से भी पूछताछ की जा रही है। एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यहां बताते चलें कि सीसीटीवी के फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान हो चुकी है |

3. पुलिस ने क्या कहा?

पुणे पुलिस के डिप्टी कमिश्नर स्मार्तना पाटिल ने बताया कि महिला की हालत स्थिर है और उसने पुलिस को स्पष्ट बयान दिया है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

डीसीपी पाटिल ने कहा, “महिला ऑफिस से घर लौट रही थी। आरोपी ने उसे बताया कि उसकी बस दूसरी जगह खड़ी है और फिर उसे एक खाली बस में ले गया, जहां उसने दुष्कर्म किया। पीड़िता अभी स्थिर है, और हमने आरोपी की पहचान कर ली है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

4. विपक्ष का हमला

इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने बस डिपो में हंगामा किया और सुरक्षा ऑफिस के शीशे तोड़ दिए। शिवसेना नेता वसंत मोरे ने कहा, “अगर पुलिस चौकी के पास ऐसी वारदात हो रही है, तो महिलाओं की सुरक्षा का क्या भरोसा?”

NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, “स्वारगेट जैसे व्यस्त बस स्टैंड पर पुलिस चौकी होने के बावजूद यह घटना हुई, जो बताता है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है। गृह विभाग अपराध रोकने में असफल रहा है। इस केस को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषी को जल्द से जल्द सजा दी जानी चाहिए।”

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, “MSRTC बसें महाराष्ट्र के परिवहन का अहम हिस्सा हैं, लेकिन अब इनकी सुरक्षा भी खतरे में है। बीजेपी सरकार ‘लाड़की बहन’ जैसी योजनाओं से वोट मांगती है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रही।”

5. सरकार की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे पुलिस कमिश्नर से पूरी घटना की जानकारी ली और आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा, “स्वारगेट बस स्टेशन पर हमारी बहन के साथ हुई घटना सभ्य समाज के लिए अपमानजनक है। दोषी को फांसी से कम कोई भी सजा नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आरोपी को जल्द से जल्द कठोरतम सजा मिले।”

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। यह बैठक गुरुवार दोपहर 12 बजे होगी, जिसमें राज्य परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के लोग शामिल होंगे।

इस जघन्य अपराध ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। अब देखना यह होगा कि आरोपी को कब तक गिरफ्तार किया जाता है और उसे कितनी सख्त सजा मिलती है।

NGV PRAKASH NEWS

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