ग्लेशियर टूटने से BRO कैंप को भारी नुकसान :57 मजदूर मलबे में दबे

उत्तराखंड: चमोली में ग्लेशियर टूटने से भारी हिमस्खलन, बीआरओ कैंप को नुकसान, 57 मजदूरों के फंसे होने की आशंका

👉 फोटो : सांकेतिक

चमोली, 28 फरवरी 2025 – उत्तराखंड के माणा गांव में ग्लेशियर टूटने से भीषण हिमस्खलन हुआ है, जिससे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के कैंप को भारी नुकसान पहुंचा है। हादसे के समय मौके पर करीब 57 मजदूरों के मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है। सेना और आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं। अब तक 16 मजदूरों को बर्फ से बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन घायलों को अस्पताल भेजा गया है।

भारी बर्फबारी से हालात बिगड़े, हाईवे भी बंद

उत्तराखंड में लगातार तीन दिनों से खराब मौसम और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी है। हनुमान चट्टी के आगे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें रास्ते में फंस गई हैं। यह मजदूर माणा से माणा पास तक 50 किमी क्षेत्र में हाईवे चौड़ीकरण और डामरीकरण कार्य में लगे थे।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, प्रशासन अलर्ट पर

आईटीबीपी और सेना ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।

हाईवे बंद होने से राहत दलों को पहुंचने में दिक्कत हो रही है।

जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख, बचाव कार्यों की निगरानी जारी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा,

“माणा गांव के पास हिमस्खलन में मजदूरों के दबे होने की खबर अत्यंत दुखद है। आईटीबीपी, बीआरओ और अन्य बचाव दल राहत कार्य में लगे हैं। मैं भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं।”

बिजली और यातायात बहाली के निर्देश

चमोली जिले में हो रही भारी बारिश और बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिलाधिकारी ने बाधित सड़कों को जल्द से जल्द खोलने और क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *