
बरेली में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़: सोशल मीडिया की दोस्ती से शुरू हुई ब्लैकमेलिंग की कहानी
बरेली, 31 मार्च 2025 – सोशल मीडिया पर दोस्ती के जाल में फंसाकर लाखों रुपये वसूलने वाले हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में गैंग की एक और सदस्य, मुन्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले गैंग की मुख्य सरगना माधुरी समेत कई अन्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद मुन्नी ने पुलिस के सामने गुहार लगाई, “गलती हो गई साहब, माफ कर दो।”
इंस्टाग्राम से शुरू हुई ठगी
गिरोह की सदस्य मुन्नी अली ने इंस्टाग्राम पर एक गुड़ व्यापारी से दोस्ती गांठी और धीरे-धीरे उसे अपने जाल में फंसा लिया। जब व्यापारी पूरी तरह भरोसा करने लगा, तब उसे बदनाम करने की धमकी देकर 10 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगी का शिकार बने व्यापारी ने जब अपनी पत्नी को सच्चाई बताई, तो उसने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुन्नी अली को गिरफ्तार कर लिया।
नशीली कोल्ड ड्रिंक और ब्लैकमेलिंग का खेल
नवाबगंज निवासी एक युवक भी इसी गिरोह का शिकार बना। उसने बारादरी थाने में शिकायत दर्ज कराई कि एक युवती, शीतल, ने उसे संजय नगर स्थित एक मकान में बुलाया। वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया गया। जब उसे होश आया, तो पाया कि उसका अश्लील वीडियो बना लिया गया था और सोने के जेवर व नकदी छीन ली गई थी। इसके बाद गैंग ने उसे बदनाम करने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की मांग की।
गिरोह के मुख्य किरदार
इस मामले में पुलिस पहले ही गैंग की सरगना माधुरी पाल, उसकी साथी शीतल उर्फ रीना, मधु भारती और सत्यवीर को गिरफ्तार कर चुकी थी। जांच के दौरान यह पता चला कि किला छावनी निवासी मुन्नी भी इस गिरोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी और पुलिस से बचने के लिए लगातार भाग रही थी। लेकिन सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।
कैसे चलता था गिरोह?
पूछताछ में मुन्नी ने बताया कि गैंग की मास्टरमाइंड माधुरी थी, जो नए सदस्यों को हनीट्रैप के गुर सिखाती थी। रीना उर्फ शीतल और सत्यवीर के बहकावे में आकर मुन्नी भी इस अपराध में शामिल हो गई थी। इससे पहले भी वह पीलीभीत के एक युवक को फंसा चुकी थी, जिसके चलते उसे सत्यवीर के साथ जेल जाना पड़ा था। लेकिन जेल से छूटते ही उसने दोबारा हनीट्रैप का धंधा शुरू कर दिया।
दिल्ली में छिपी थी, पुलिस ने ढूंढ निकाला
बारादरी थाने में नाम सामने आने के बाद मुन्नी दिल्ली में छिप गई थी, लेकिन पुलिस ने उसे खोज निकाला और गिरफ्तार कर लिया। अब कोर्ट के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की चेतावनी: सतर्क रहें!
पुलिस ने इस गिरोह के भंडाफोड़ के बाद जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। बरेली में इस तरह के गिरोहों पर पुलिस कड़ी नजर रखे हुए है ताकि कोई और मासूम इनके जाल में न फंसे।
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