IAS बनने का झूठ! ‘सृष्टि’ निकली सरवन कुमारी, बधाई से लेकर बयान तक…


IAS बनने का झूठ! ‘सृष्टि’ निकली सरवन कुमारी, बधाई से लेकर बयान तक… एक फर्जीवाड़े की पूरी कहानी

बरेली | NGV PRAKASH NEWS
मंगलवार को यूपीएससी के रिजल्ट के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का एक गांव अचानक चर्चा में आ गया। रुद्रपुर गांव की एक युवती के आईएएस बनने की खबर सोशल मीडिया से लेकर मोहल्ले की चौपालों तक गूंज उठी। नाम बताया गया — सृष्टि, रैंक 145, और पेशे से पंचायत सहायक।

मिठाइयां बंटी, बधाइयों की कतार लगी, यहां तक कि स्थानीय नेता और अफसर भी बधाई देने पहुंचे। लेकिन बुधवार को जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया।


असलियत: न सृष्टि, न चयन – सिर्फ झूठ का जाल!

जिस युवती को पूरे गांव ने IAS बनने पर सर आंखों पर बैठाया, उसका नाम ही सृष्टि नहीं निकला।
असल में उसका नाम है सरवन कुमारी, जो पेशे से पंचायत सहायक है और किसान ओमकार सिंह की बेटी है।

सरवन ने खुद को IAS चयनित सृष्टि बताकर पूरे गांव को बधाई देने पर मजबूर कर दिया, लेकिन जब सोशल मीडिया पर वास्तविक सृष्टि के बिहार से होने की खबरें फैलीं, तो सच्चाई पर से पर्दा उठने लगा।


बचाव में बयान, लेकिन सवाल बाकी

सच्चाई सामने आने के बाद बुधवार शाम को सरवन कुमारी पुलिस के पास पहुंची और लिखित में बयान दिया कि उसका UPSC में चयन नहीं हुआ।
उसने दावा किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसका एडमिट कार्ड वायरल किया, जिसमें नाम और रोल नंबर किसी अन्य सृष्टि का था।

लेकिन बड़ा सवाल ये है:

जब मंगलवार को मिठाइयां बंट रही थीं, मीडिया को इंटरव्यू दिया जा रहा था और कोचिंग न लेने की कहानियां सुनाई जा रही थीं – तब सृष्टि कौन थी? और सरवन क्यों नहीं बोली?


एक दिन की अफवाह, पूरे गांव का भ्रम

बुधवार को थाना भमोरा के अंतर्गत पड़ने वाले गांव रुद्रपुर में मानो एक सन्नाटा छा गया।
जहां एक दिन पहले गांव IAS की बेटी पर गर्व कर रहा था, वहीं अब सवाल पूछ रहा है कि क्या झूठ भी इतना खूबसूरत और विश्वसनीय हो सकता है?

इस पूरे फर्जीवाड़े में पंचायत सहायक संगठन, कुछ स्थानीय नेता और पुलिस अफसर भी अनजाने में शामिल हो गए
भमोरा थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि युवती ने स्वयं आकर फर्जीवाड़े की बात कबूल की है।


क्या सस्ती शोहरत की चाह ने बना दिया “फर्जी अफसर”?

इस घटना ने एक गहरी सोच छोड़ दी है –
क्या अब हम सोशल मीडिया की वैरिफिकेशन के बिना किसी को हीरो बना बैठते हैं?
क्या कुछ पल की वाहवाही पाने के लिए कोई भी इस हद तक जा सकता है?

सरवन कुमारी ने माना कि वह 2024 की UPSC परीक्षा में शामिल हुई थी, लेकिन उसका चयन नहीं हुआ। बावजूद इसके उसने दूसरे की सफलता का चोला पहन लिया।


आपके विश्वास की खबर — NGV PRAKASH NEWS

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