अचानक आने लगी धमाके की आवाज और 100 से ज्यादा..


लखनऊ में भीषण अग्निकांड : फैजुल्लागंज में 100 से अधिक झोपड़ियां जलकर खाक, सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप

लखनऊ, 28 अप्रैल 2025।
राजधानी लखनऊ सोमवार सुबह एक बड़े हादसे का गवाह बनी। मड़ियांव क्षेत्र के फैजुल्लागंज स्थित राधाकृष्ण मंदिर के सामने वाली गली में झुग्गी-झोपड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 100 से अधिक झोपड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही झुग्गियों में रखे सिलेंडरों में ताबड़तोड़ धमाके होने लगे, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और अफरातफरी का माहौल बन गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की लगभग 10 गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगते ही उन्होंने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी थी। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। भीषण गर्मी और हवा के चलते आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया था, जिससे बचाव कार्य में चुनौतियां बढ़ गईं।

पिछले सप्ताह भी लगी थी आग:
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार देर रात केसरीखेड़ा क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे बसी झुग्गी बस्ती में भी इसी तरह भीषण आग लगी थी। उस घटना में भी आलमबाग, सरोजनीनगर, हजरतगंज और पीजीआई फायर स्टेशन समेत कई अन्य फायर स्टेशनों से दमकल कर्मियों को बुलाया गया था। आग इतनी भयावह थी कि झुग्गियों में रखे सिलेंडरों के साथ-साथ बस्ती में खड़ी बाइकों के पेट्रोल टैंक भी फटने लगे थे, जिससे धमाकों का सिलसिला चल पड़ा था।

उस घटना में दमकल विभाग को 12 से 15 गाड़ियों की मदद से पूरी रात मशक्कत करनी पड़ी थी। तब जाकर आग पर काबू पाया गया था। केसरीखेड़ा अग्निकांड में 200 से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गई थीं। मौके पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) मंगेश कुमार स्वयं पहुंचे थे। वहीं, क्षेत्रीय पार्षद देवेंद्र यादव भी अन्य स्थानीय नेताओं के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित लोगों को सांत्वना दी थी।

फिलहाल फैजुल्लागंज में आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के अस्थायी पुनर्वास और आवश्यक सहायता के लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं।

NGV PRAKASH NEWS


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