
टिम फ्रीडे के खून से बन रही नई एंटीवेनम दवा, सभी सांपों के जहर पर करेगी असर
3 मई 2025: वैज्ञानिकों की एक टीम अमेरिका के टिम फ्रीडे के खून से एक ऐसी एंटीवेनम दवा तैयार करने का दावा कर रही है, जो सांप के किसी भी प्रकार के जहर को बेअसर कर सकती है।
टिम फ्रीडे ने पिछले 20 वर्षों में खुद को करीब 200 बार जहरीले सांपों से कटवाया। इस प्रक्रिया में उनके शरीर ने सांप के जहर से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली। अब उनके खून में मौजूद एंटीबॉडीज का इस्तेमाल कर वैज्ञानिक एंटीवेनम विकसित कर रहे हैं।
वर्तमान में उपलब्ध एंटीवेनम केवल कुछ खास सांपों के जहर को ही बेअसर कर पाते हैं। लेकिन टिम के खून से बनने वाली दवा के जरिए सभी प्रकार के सांपों के जहर का इलाज संभव हो सकता है। जानवरों पर किए गए परीक्षणों में यह पाया गया है कि टिम के खून से निकाले गए एंटीबॉडीज कई घातक प्रभावों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
टिम का 18 साल का मिशन इस दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गौरतलब है कि हर साल दुनियाभर में करीब 1.40 लाख लोगों की मौत सांप के काटने से होती है। इसके अलावा करीब पांच लाख लोगों को अंग काटवाने पड़ते हैं या वे स्थायी विकलांगता का शिकार हो जाते हैं।
टिम ने न सिर्फ खुद को 200 बार सांपों से कटवाया बल्कि सबसे खतरनाक सांपों जैसे मंबा, कोबरा, ताइपन और करैत के जहर से खुद को 700 से ज्यादा इंजेक्शन लगाए। शुरुआत में उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी इम्युनिटी बढ़ाने का प्रयास किया था, जिसे उन्होंने यूट्यूब पर भी साझा किया।
पूर्व ट्रक मैकेनिक रहे टिम ने बताया कि शुरुआत में दो बार कोबरा के काटने से वे कोमा में भी चले गए थे। उन्होंने कहा, “मैं मरना नहीं चाहता था और न ही अपनी उंगली खोना चाहता था। मेरा मकसद दुनिया के लिए बेहतर इलाज ढूंढना था।”
फिलहाल एंटीवेनम बनाने के लिए सांप के जहर की छोटी-छोटी खुराकें घोड़े जैसे जानवरों को दी जाती हैं ताकि वे एंटीबॉडी विकसित कर सकें। इन एंटीबॉडीज को इकट्ठा करके इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टिम के खून से बनने वाली दवा इस प्रक्रिया को एक नई दिशा दे सकती है।
NGV PRAKASH NEWS

