
तुर्की के ड्रोन से हमला, भारत का करारा जवाब—अपने ही नागरिकों को ढाल बना रहा पाकिस्तान: कर्नल सोफिया कुरैशी
नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने गुरुवार देर रात भारत के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिश की। भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने न सिर्फ इन हमलों को नाकाम किया बल्कि तुरंत और बेहद सटीक जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर, कराची और सियालकोट सहित पाकिस्तान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया।
शुक्रवार शाम विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी दी गई। मंत्रालय की ओर से बोलते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि 7 और 8 मई की रात पाकिस्तानी सेना ने भारत की पश्चिमी सीमा पर कई बार हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। इसके साथ ही नियंत्रण रेखा पर भी पाकिस्तान ने भारी कैलिबर हथियारों से फायरिंग की।
400 से अधिक ड्रोन, तुर्की कनेक्शन उजागर
कर्नल कुरैशी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पाकिस्तान ने भारत के 36 से अधिक स्थानों पर घुसपैठ की मंशा से 300 से 400 ड्रोन तैनात किए। इनमें से कई ड्रोन भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा मार गिराए गए, जिनका मलबा फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार ये ड्रोन तुर्की के ‘असिसगार्ड सोंगर’ मॉडल हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि पाकिस्तान को इस हमले में बाहरी समर्थन प्राप्त था।
नागरिक विमानों को ढाल बना रहा है पाकिस्तान
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एक और चिंताजनक पहलू उजागर किया। उन्होंने बताया कि 7 मई को रात 8:30 बजे पाकिस्तान ने भारत पर एक असफल ड्रोन और मिसाइल हमला किया, फिर भी उसने अपने नागरिक हवाई क्षेत्र को बंद नहीं किया। भारत की प्रतिक्रिया से बचने के लिए पाकिस्तान अब अपने नागरिक विमानों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है—यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की इस रणनीति का मकसद भारतीय जवाबी कार्रवाई को नैतिक और कूटनीतिक रूप से जटिल बनाना है। लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
NGV PRAKASH NEWS

