ऑपरेशन सिंदूर- बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार सुबह तक के अपडेट

‘ऑपरेशन सिंदूर’: पाकिस्तान की छटपटाहट, भारत की निर्णायक कार्यवाही

नई दिल्ली 9 मई 25:
पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले के बाद भारत ने जिस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की है, वह केवल एक सैन्य पलटवार नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ एक सशक्त और संगठित संदेश है। इस ऑपरेशन की शुरुआत के साथ ही पाकिस्तान में बौखलाहट का माहौल है, जिसका प्रमाण गुरुवार रात भारत के विभिन्न इलाकों में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों की असफल कोशिशों में देखा गया।

भारतीय वायु रक्षा प्रणाली, विशेषकर अत्याधुनिक S-400 ट्रायम्फ सिस्टम, ने पाकिस्तान की इन हरकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत के एयर डिफेंस नेटवर्क ने जम्मू, उधमपुर, सांबा, अखनूर, नगरोटा और पठानकोट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाकिस्तानी ड्रोन को ढेर कर दिया। सेना सूत्रों के अनुसार, एक ही रात में 50 से अधिक ड्रोन को मार गिराया गया, जो कि पाकिस्तान के नियोजित युद्ध प्रयासों को पूरी तरह विफल करने वाला कदम था।

भारत का जवाब—निर्धारित, लेकिन संतुलित

भारत की ओर से की गई कार्रवाई केवल जवाबी हमले भर नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक संदेश भी है। S-400 के साथ-साथ इजरायल निर्मित ‘HAROP’ आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के कई डिफेंस सिस्टम तबाह किए गए। इन ड्रोनों ने पाकिस्तान की HQ-9 वायु रक्षा प्रणाली को भी लक्ष्य बनाया, जिसे वह चीन से भारी कीमत पर खरीद चुका था। यह केवल एक सैन्य क्षति नहीं, बल्कि पाकिस्तान की रक्षा प्रतिष्ठा पर गहरी चोट है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया—’संयम लेकिन हस्तक्षेप नहीं’

पाकिस्तान की गुहार के बाद भी अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच की इस लड़ाई में हस्तक्षेप नहीं करेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दो टूक कहा, “हम केवल तनाव कम होते देखना चाहते हैं, लेकिन हस्तक्षेप हमारा काम नहीं है।” वहीं, सऊदी अरब और ईरान जैसे पश्चिमी एशियाई देश भारत से सीधे संवाद कर रहे हैं, और पाकिस्तान को आतंकवाद पर अपनी स्थिति साफ करने की सलाह दे रहे हैं।

भारत का सख्त संदेश—’आतंक पर कोई समझौता नहीं’

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि भारत की कार्रवाई किसी तनाव को भड़काने के लिए नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह ‘The Resistance Front’ (TRF) के खिलाफ थी, जो लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया रूप है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को समझना होगा कि वह जिस आग को हवा दे रहा है, उसमें वह खुद झुलस जाएगा।”

कूटनीतिक घटनाक्रम भी तेज

गुरुवार को आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सीमा की स्थिति से अवगत कराया। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब भारत ने पाकिस्तानी ठिकानों पर सीधी कार्रवाई कर ‘बहावलपुर’ में अब्दुल रऊफ असगर जैसे कुख्यात आतंकी को निशाना बनाया, जो पठानकोट और पुलवामा जैसे हमलों का मास्टरमाइंड था।

LOC पर कार्रवाई और ड्रोन वॉर

पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और घुसपैठ की कोशिशों को BSF और भारतीय सेना ने पूरी तरह नाकाम कर दिया है। सांबा में घुसपैठ कर रहे आतंकियों को मार गिराया गया और LOC पर कई पाकिस्तानी बंकरों को ध्वस्त किया गया।

पड़ोसी मुल्कों की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह

इस पूरे घटनाक्रम में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति जताई, लेकिन भारत में इसे एकतरफा नजरिए के रूप में देखा जा रहा है। भारत की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि कोई देश आतंक के साथ खड़ा होता है, तो उसे भी नतीजे भुगतने होंगे।


भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक सीमित सैन्य प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक पहल है जो यह स्पष्ट कर रहा है कि अब आतंक को समर्थन देने वाले देशों को भी जवाब मिलेगा—सीधे और सख्ती से।

NGV PRAKASH NEWS

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