
भारत-पाकिस्तान तनाव चरम पर: भारतीय वायुसेना का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान के तीन एयरबेस पर विस्फोट
नई दिल्ली, 10 मई 2025
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने सीमावर्ती हमलों के जवाब में पाकिस्तान के भीतर गहरे सैन्य प्रहार किए हैं। जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान से सटी सीमा पर बीते 24 घंटों में ड्रोन हमलों और गोलीबारी की कई घटनाएं हुई हैं। वहीं शनिवार सुबह पाकिस्तान के कई सैन्य हवाई अड्डों पर जबरदस्त विस्फोटों की खबर सामने आई है।
तीन प्रमुख पाकिस्तानी एयरबेस बने निशाना
पाकिस्तान सरकार ने पुष्टि की है कि ये धमाके देश के तीन अहम वायु सेना प्रतिष्ठानों में हुए, जिनमें रावलपिंडी स्थित नूर खान एयर बेस प्रमुख है। यह एयरबेस इस्लामाबाद से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित है और पाकिस्तान के सैन्य मुख्यालय से भी जुड़ा हुआ माना जाता है।
नूर खान एयर बेस में बड़ा धमाका
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में नूर खान एयर बेस में विस्फोट के बाद लगी आग की तस्वीरें सामने आई हैं। हालांकि NGV PRAKASH NEWS इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत की ओर से शुक्रवार देर रात से ही कई राउंड में विस्फोट किए गए, जिनमें अत्याधुनिक लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल हुआ हो सकता है।
👉हवाई क्षेत्र किया गया बंद
पाकिस्तान ने देश के हवाई क्षेत्र को नागरिक और वाणिज्यिक विमानों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। यह निर्णय स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है और आने वाले समय में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
👉तनाव की पृष्ठभूमि में क्या है वजह?
पिछले कुछ हफ्तों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लेकर भारत में आक्रोश बढ़ रहा था। हाल ही में जम्मू में हुए एक आत्मघाती हमले के बाद से भारतीय सेना के रुख में तेजी आई थी। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई उसी जवाबी रणनीति का हिस्सा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब केवल सीमा तक सीमित नहीं रहा। भारत द्वारा पाकिस्तान के तीन सैन्य एयरबेस पर की गई लक्षित कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अब रणनीति “आतंक का जवाब सर्जिकल प्रहार” से एक कदम आगे निकल चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस टकराव का भविष्य क्या होगा और वैश्विक समुदाय किस तरफ खड़ा है?
👉1. इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि
हाल के सप्ताहों में जम्मू-कश्मीर में बढ़ी आतंकी गतिविधियों और भारतीय जवानों की शहादत ने भारत में गुस्से की लहर पैदा की थी। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी और आतंकियों के पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया।
भारत की यह कार्रवाई ‘डिफेंसिव स्ट्रैटजिक स्ट्राइक’ कही जा सकती है, जिसमें सीमित समय और लक्ष्यों के साथ दुश्मन के सैन्य ढांचे को कमजोर करना मुख्य उद्देश्य होता है।
👉2. पाकिस्तान की स्थिति और प्रतिक्रिया
पाकिस्तान सरकार ने अभी तक इस हमले को ‘भारत की आक्रामकता’ बताया है, लेकिन उसकी जवाबी क्षमता सीमित मानी जा रही है। एयरबेस पर हमले और हवाई क्षेत्र की बंदी से पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता और बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब देश पहले से ही आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा है।
👉3. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें
संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका सहित कई देशों की नजर इस टकराव पर है। पश्चिमी देश भारत के आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का समर्थन करते हैं, लेकिन पूर्ण युद्ध की स्थिति से बचने की भी अपील कर सकते हैं।
चीन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी क्योंकि वह पाकिस्तान का रणनीतिक सहयोगी है। हालांकि, चीन खुद भी कई आंतरिक संकटों से जूझ रहा है, इसलिए सीधे हस्तक्षेप की संभावना फिलहाल कम है।
👉4. संभावित परिणाम
सीमा पर लंबे समय तक तनाव: नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सैन्य उपस्थिति और झड़पों में वृद्धि।
👉आर्थिक प्रभाव: दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। खासकर पाकिस्तान पर इसका अधिक भार पड़ेगा।
👉डिप्लोमैटिक दबाव: भारत पर मानवाधिकारों और जवाबदेही को लेकर अंतरराष्ट्रीय सवाल उठ सकते हैं, लेकिन उसकी ‘आत्मरक्षा की वैधता’ को भी समर्थन मिल सकता है।
👉आतंरिक राजनीति पर असर: भारत में सरकार को आंतरिक समर्थन मिल सकता है, जबकि पाकिस्तान में असंतोष और अस्थिरता और बढ़ सकती है।
यह संघर्ष भारत की नई सैन्य नीति का संकेत है जिसमें आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि यह राह आसान नहीं होगी। युद्ध कोई समाधान नहीं, परंतु भारत अब यह संदेश देना चाहता है कि आतंक की कीमत अब सीमा पार भी चुकानी होगी।
NGV PRAKASH NEWS

