भाभी के साथ चल रहा था प्रेम प्रसंग ; गांव वालों ने दोनों को पकड़ करा दिया यह काम..

भाभी से अफेयर, शादी का हंगामा और देवर की आंखों के आंसू: आरा की अनोखी प्रेम कहानी
रिपोर्ट: NGV PRAKASH NEWS

बिहार के आरा जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पूरे गांव को हैरान कर दिया। रिश्तों की मर्यादा और सामाजिक मान्यताओं को धता बताते हुए एक देवर ने अपनी ही भाभी से प्रेम संबंध बना लिए। लेकिन जब समाज ने प्रेम का अंजाम ‘शादी’ के रूप में देने की कोशिश की, तो वही देवर फूट-फूट कर रोने लगा। वजह भी उतनी ही अजीब थी—उसने कहा, “मैं भाभी से शादी नहीं करना चाहता।”

क्या है पूरा मामला?

यह घटना भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के कोयल गांव की है। गांव के लोगों ने बताया कि दिलीप कुमार नामक युवक का अपनी ही भाभी रानी से ढाई साल से प्रेम संबंध था। रानी की शादी 27 फरवरी 2022 को दिलीप के मौसेरे भाई सोनू चौधरी से हुई थी। शादी में दिलीप ने खुद नाच-गाना किया था।

शादी के कुछ महीनों तक सबकुछ सामान्य रहा। लेकिन धीरे-धीरे दिलीप और रानी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। जब पति सोनू घर पर नहीं रहता था, तब दिलीप और रानी एक-दूसरे से छिपकर मिला करते थे। यह सिलसिला महीनों चला, लेकिन एक दिन सोनू ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। कहासुनी हुई, और रानी अपने मायके लौट गई।

गांव में हुआ हंगामा, पंचायत ने दिया फैसला

रानी के मायके लौटने के बाद भी दिलीप उससे चोरीछिपे मिलने आता रहा। मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। जब गांव वालों को इस गुप्त मुलाकात की भनक लगी, तो लाठी-डंडे लेकर वे रानी के घर पहुंच गए और दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया।

इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने फैसला सुनाया कि दोनों की शादी करवा दी जाए। लेकिन जैसे ही यह बात दिलीप को बताई गई, वह फूट-फूट कर रोने लगा और शादी से इनकार करने लगा। उसका कहना था कि रानी को अभी तलाक नहीं मिला है, ऐसे में वह शादी नहीं कर सकता।

पति ने दिया तलाक, प्रेमी को सौंप दी पत्नी

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि रानी के पति सोनू ने बेहद शांत भाव से प्रतिक्रिया दी। उसने कहा, “अगर रानी दिलीप के साथ खुश है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं। जहां उसकी खुशी है, वहीं वो रहे।”

इसके बाद पंचायत के सामने रजामंदी के आधार पर कोयल गांव के शिव मंदिर में दिलीप और रानी की शादी करवा दी गई। दोनों की विदाई भी प्रेमी के घर कर दी गई। शादी के समय पंचायत द्वारा एक लिखित रजामंदी पत्र भी सौंपा गया।

समाज और रिश्तों पर सवाल

यह मामला न केवल एक अजब प्रेम कहानी है, बल्कि यह सामाजिक मर्यादाओं, पारिवारिक रिश्तों और पंचायत की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े करता है। देवर-भाभी जैसे रिश्ते को भारतीय समाज में हमेशा आदर्श और मर्यादित माना गया है। लेकिन इस मामले में भावनाओं और इच्छाओं ने उन सीमाओं को लांघ दिया।

NGV PRAKASH NEWS

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