
हनीमून या हादसा? ‘राजा-सोनम केस’ ने देश को हिलाकर रख दिया!
– NGV PRAKASH NEWS विशेष रिपोर्ट
इंदौर से शिलॉन्ग तक… एक प्रेम कहानी, जो दर्द की दास्तान बन गई।
शादी के बाद हर जोड़ा सपनों की उड़ान भरता है। कुछ समुद्र की लहरों पर चल पड़ते हैं, तो कुछ पहाड़ों की ऊँचाइयों को छूने जाते हैं। इंदौर के राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी भी अपने हनीमून पर निकले थे, लेकिन किसे पता था कि यह ‘लास्ट ट्रिप’ साबित होगी। एक ऐसी कहानी, जिसने पूरे देश को चौंका दिया, और सवालों के दलदल में धकेल दिया।
22 मई: एक आम दिन, एक असाधारण शुरुआत
शिलॉन्ग, मेघालय की हरी-भरी वादियों में नया जोड़ा घूमने निकला था। सोशल मीडिया पर तस्वीरें, हंसी-ठिठोली और उत्साह की बौछार… लेकिन 24 मई को सोनम की मां से आख़िरी कॉल ने माहौल बदल दिया—
“मां, ये हमें जंगलों में ले आए हैं… बहुत ऊंची-नीची चढ़ाई है, बाद में बात करूंगी…”
इसके बाद सन्नाटा…
फोन स्विच ऑफ, लोकेशन बंद। और फिर शुरू हुआ एक अंतहीन इंतज़ार।
पहाड़ी की खामोशी और एक्टिवा की गवाही
सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, तो सबसे पहले एक लावारिस स्कूटी मिली। सड़क किनारे खड़ी, शांत लेकिन चुपचाप बहुत कुछ कहती हुई। आसपास की पहाड़ियों में पुलिस ने कदम-कदम पर तलाशी ली, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
बारिश, कीचड़ और अंधेरे के बीच, हर गुजरता दिन परिजनों की उम्मीद को खा रहा था।
10वें दिन टूटी उम्मीद, राजा की लाश मिली
1 जून को पहाड़ियों में एक युवक की लाश मिली। राजा के भाई को बुलाया गया—और पहचान सिर्फ़ एक टैटू से हुई—‘राजा’ नाम का गुदा हुआ अक्षर।
इतना ही काफी था… पूरा परिवार टूट गया।
राजा की मौत साधारण नहीं थी। पोस्टमार्टम ने बताया कि धारदार हथियार से हमला किया गया था। हत्यारों ने लूटपाट भी की—सोने की चेन, ब्रेसलेट, वॉलेट तक गायब थे।
हनीमून के नाम पर हुआ शिकार?
परिवार का शक है कि यह पूर्व नियोजित हमला था। राजा और सोनम के गहने और नकदी गायब है। पुलिस ने बताया कि हत्या में लकड़ी काटने वाले औजार का इस्तेमाल हुआ है, जो बरामद भी हो चुका है।
पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक सिम ने इस हत्याकांड की पुष्टि की और बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है।
“मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया…” – इंसाफ की पुकार
इंदौर में राजा के घर के बाहर लगा एक पोस्टर अब लोगों के दिलों को झकझोर रहा है। उसमें लिखा है—
“मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया है। CBI से जांच हो, मेरी आत्मा की पुकार है।”
इस पोस्टर में राजा और सोनम की तस्वीरें हैं। एक जोड़े का सपना, जो अब इंसाफ की गुहार बन चुका है।
सोनम अब भी लापता… रहस्य अब भी गहराता जा रहा है
राजा की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन सोनम रघुवंशी का अब तक कोई सुराग नहीं। 12 दिन बीत चुके हैं। क्या वह ज़िंदा है? या उसकी कहानी भी कहीं इसी पहाड़ी में दबी हुई है?
आज अंतिम विदाई, लेकिन अधूरी कहानी के साथ
आज दोपहर 3:30 बजे राजा का शव इंदौर पहुंचेगा, और शाम 4:30 बजे उनका अंतिम संस्कार रीजनल पार्क मुक्तिधाम में किया जाएगा। लेकिन यह अंतिम संस्कार एक अधूरी तलाश, एक अनसुलझी मिस्ट्री और एक स्तब्ध परिवार की शुरुआत भी है—इंसाफ की जंग की।
क्या हनीमून पर निकले राजा और सोनम किसी गिरोह का शिकार बने?
क्या यह एक सुनियोजित हत्या है या पहाड़ी जंगल का कोई रहस्य?
क्या सोनम जिंदा है या उसे भी राजा की तरह…?
देशभर की निगाहें अब इस केस पर टिकी हैं। हर किसी के मन में एक ही सवाल—“सपनों की शुरुआत यूं खौफनाक अंजाम तक कैसे पहुंची?”
– NGV PRAKASH NEWS
(इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी पुलिस सूत्रों, और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

