
बरेली का ‘फर्ज़ी इंस्पेक्टर’: वर्दी पहन गांववालों को बनाया बेवकूफ, युवती से किया निकाह, फिर सामने आया धोखे का खेल!
— NGV PRAKASH NEWS विशेष रिपोर्ट
बरेली। गांव की चाय की दुकान पर बैठा एक युवक जब अचानक वर्दी पहनकर लौटा और खुद को जीएसटी इंस्पेक्टर बताने लगा, तो पूरे गांव में खलबली मच गई। जिसने देखा, वही चकित रह गया – कभी खोखे पर बैठकर गप्पे हांकने वाला शख्स अब “सरकारी अफसर” बन गया!
लोगों ने फूल-मालाएं पहनाईं, शॉल ओढ़ाया, और देखते ही देखते वह पूरे गांव में “सरकारी बाबू” बन गया। लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि यह वर्दी सिर्फ ड्रामेबाज़ी का हिस्सा थी, और इसके पीछे एक गहरी फरेब की पटकथा लिखी जा रही थी।
इंस्पेक्टर नहीं, धोखेबाज़ निकला ‘शहजाद’
हाफिजगंज निवासी शहजाद अहमद ने खुद को जीएसटी विभाग का इंस्पेक्टर बताकर गांव में रौब जमाना शुरू किया। उसी दौरान गांव की एक युवती इकरा को प्रेमजाल में फंसा लिया। बात शादी तक पहुंची, तो गांव वालों के दबाव में पिता ने बेटी की खुशी के लिए 18 दिसंबर 2024 को निकाह करा दिया।
शादी के बाद कुछ समय तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे इकरा को शक होने लगा – “अगर वो इंस्पेक्टर है, तो रोज़ ड्यूटी क्यों नहीं जाता?”
यहीं से परतें खुलनी शुरू हुईं…
पिता और भाई ने उठाई सच्चाई की खोज की मशाल
इकरा ने यह बात अपने भाई से साझा की। भाई को बात खटक गई। पिता-पुत्र दोनों जीएसटी कार्यालय से लेकर मुरादाबाद तक दौड़ लगाते रहे, लेकिन हर जगह से एक ही जवाब मिला —
“जीएसटी इंस्पेक्टर वर्दी नहीं पहनते!”
उन्होंने जो वर्दी दिखाई, उस पर एक अधिकारी ने तुरंत कहा – “यह सरकारी वर्दी नहीं, यह तो लोकल दर्जी की कारीगरी है।”
इतना ही नहीं, विभाग में ‘शहजाद अहमद’ नाम का कोई कर्मचारी मौजूद ही नहीं था।
फर्ज़ी निकला पूरा खेल, शादी भी झूठ पर टिकी थी
जब इकरा को सच्चाई पता चली, तो उसने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
शहजाद फिलहाल तीन सौ बेड अस्पताल में इलाजरत है, वहीं से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और अस्पताल में भर्ती कराया।
इकरा ने थाने पहुंचकर फर्जीवाड़े और प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया।
उसने बताया कि जब से सच्चाई सामने आई, शहजाद और उसकी मां शहनाज ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, घर में कैद कर दिया।
जब उसके पिता बेटी को वापस लेने पहुंचे, तो झगड़ा हुआ और शहजाद ने तीन तलाक की धमकी दे दी। इसके बाद इकरा अपने मायके लौट आई।
सोशल मीडिया पर ‘इंस्पेक्टर’ बना सितारा
शहजाद इंटरनेट मीडिया पर भी पीछे नहीं रहा। उसके वर्दी में कई फोटो वायरल हैं – कभी छापेमारी करते दिखता है, कभी रेड लिखकर पोस्ट करता है, कभी दबदबे वाले वीडियो में नजर आता है।
वास्तविकता यह है कि सब कुछ ढोंग और दिखावा था – ना नौकरी, ना वर्दी, सिर्फ झूठ और फरेब।
गांव वाले भी हुए शर्मसार, बोले – “धोखा खा गए!”
गांववालों का कहना है कि शहजाद हमेशा खोखे पर बैठकर चाय पीता रहता था।
जब अचानक उसने वर्दी पहन ली और कहा कि वह इंस्पेक्टर बन गया है, तो किसी ने सवाल नहीं उठाया। अब हर कोई ठगा महसूस कर रहा है।
पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच
बारादरी थाना पुलिस ने शहजाद अहमद और उसकी मां शहनाज के खिलाफ धोखाधड़ी, उत्पीड़न और धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अब पुलिस सोशल मीडिया समेत अन्य स्रोतों से भी साक्ष्य जुटा रही है, ताकि इस ‘फर्जी वर्दीधारी’ की पूरी कहानी को उजागर किया जा सके।
NGV PRAKASH NEWS

