मदरसे में शिक्षिका से दुष्कर्म, संचालक गिरफ्तार; शिक्षिका के अस्त व्यस्त हालत नें मचाई सनसनी

बरेली: मदरसे में शिक्षिका से दुष्कर्म, संचालक गिरफ्तार; वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी
NGV PRAKASH NEWS | बरेली | 05 जून 2025

उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ शिक्षा जगत को शर्मसार किया है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र स्थित एक मदरसे के अंदर, उसी संस्था में कार्यरत महिला शिक्षिका के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। इस सनसनीखेज मामले ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

काम के बहाने बुलाकर किया दुष्कर्म
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मदरसे के संचालक जुबेर ने कुछ दिन पहले पीड़िता को काम के सिलसिले में मदरसे बुलाया था। भरोसे और धार्मिक आस्था के बीच पनपता अपराध तब सामने आया जब शिक्षिका देर रात तक घर नहीं लौटी। चिंतित परिजन जब मदरसे पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। शिक्षिका बेहोशी की हालत में मिली, उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे और शरीर पर जुल्म की दास्तान दर्ज थी।

परिजनों की त्वरित कार्रवाई, पुलिस को दी सूचना
घटना की सूचना मिलते ही फतेहगंज पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी जुबेर वारदात के बाद से फरार था, लेकिन पुलिस की तत्परता और मुखबिर की मदद से उसे नखासा बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

वायरल वीडियो ने खोली पोल
इस घटना से जुड़े एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी मदरसा संचालक की लोगों द्वारा जमकर पिटाई की जा रही है। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

सवालों के घेरे में धार्मिक संस्थाएं
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जिन संस्थाओं में बच्चों को संस्कार और शिक्षा देने की जिम्मेदारी होती है, वहां अगर रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो इंसाफ की उम्मीद कहां की जाए? धर्म और आस्था की आड़ में छिपे ऐसे दरिंदों को बेनकाब करना अब समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है।

प्रशासन की सख्ती जरूरी
स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संस्थानों की निगरानी और नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में कोई और बहन-बेटी ऐसे वहशी दरिंदों का शिकार न बने।

यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि धार्मिक शिक्षा संस्थानों की निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सख्त संदेश दिया जाए — कि अब किसी भी बेटी के साथ ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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