60 वर्षीय महिला से दरोगा ने पूछा तुम कौन हो… जवाब सुन पैरों तले खिसक गई जमीन.

NGV PRAKASH NEWS

🔴 बरेली में पुलिस ने ऑपरेशन तलाश में पाकिस्तानी महिला को पकड़ा, 60 साल से रह रही थी भारत में

बरेली (उत्तर प्रदेश), 14 जून 2025।
उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस के ऑपरेशन ‘तलाश’ के दौरान एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। करीब 60 साल की महिला, जो वर्षों से भारत में रह रही थी, उसके पाकिस्तान की नागरिक होने का दावा सामने आया है। महिला ने भारत में रहकर न सिर्फ पहचान पत्र बनवाए, बल्कि सरकारी सुविधाएं भी प्राप्त कीं।

पुलिस का दावा है कि यह महिला फरहत सुल्ताना पाकिस्तान की नागरिक है, और उसने छल-कपट से आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बनवा लिए थे। वह लंबे समय से बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र के सूफी टोला इलाके में अपनी ससुराल में दीर्घकालिक वीजा (Long Term Visa) पर रह रही थी।

🕵️‍♀️ ऑपरेशन तलाश:

बरेली पुलिस ने 25 मई से 10 जून 2025 तक संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन तलाश’ चलाया था। इसमें बांग्लादेशी, रोहिंग्या और पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान की जा रही थी। इसी दौरान फरहत सुल्ताना का नाम सामने आया।

👮‍♂️ दरोगा ने पूछा – “कौन हो तुम?”

जब पुलिस की टीम फरहत सुल्ताना के घर पहुंची और दरोगा सौरव तोमर ने उनसे पहचान पूछी, तो वह कुछ देर चुप रहीं। फिर जो सच सामने आया, उसने सबको चौंका दिया।

👵 महिला की सफाई:

फरहत सुल्ताना ने सफाई देते हुए कहा,

“मेरा गुनाह सिर्फ इतना है कि मेरा जन्म पाकिस्तान में हुआ। लेकिन जब मैं भारत आई थी, तब सिर्फ 8 महीने की थी। मेरी पूरी परवरिश हिंदुस्तान में हुई। मेरी शादी यहीं हुई, बच्चे यहीं हुए, और अब मैं वृद्धावस्था में हूं। मैं गुनहगार नहीं हूं।”

📜 कानूनी कार्रवाई:

थाना बारादरी के सब इंस्पेक्टर सौरव तोमर की शिकायत पर फरहत सुल्ताना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन पर भारत सरकार की योजनाओं का धोखाधड़ी से लाभ उठाने, जाली दस्तावेज तैयार करने और देश में अवैध रूप से रहने का आरोप है।

❓ सबसे बड़ा सवाल:

  • अगर वह महिला 60 साल से भारत में रह रही थी, तो अब तक किसी एजेंसी को भनक क्यों नहीं लगी?
  • क्या यह सिर्फ प्रशासनिक चूक है या कुछ और?
  • क्या अब फरहत सुल्ताना को जेल भेजा जाएगा या फिर वापस पाकिस्तान?

सरकार और खुफिया एजेंसियों के लिए यह मामला अब चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इससे साफ होता है कि दशकों से कुछ विदेशी नागरिक भारत में रह रहे हैं और उनके बारे में जानकारी जुटाने में सुरक्षा एजेंसियां असफल रही हैं।

यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बनता जा रहा है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *