दलित नाबालिक लड़की के धर्मांतरण के साजिश के मुख्य आरोपी को एटीएस ने किया गिरफ्तार

प्रयागराज में लव-जिहाद और जबरन धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला: नाबालिग दलित लड़की को केरल ले जाकर बनाया गया था शिकार, मुख्य आरोपी मोहम्मद ताज गिरफ्तार

प्रयागराज, 14 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक नाबालिग दलित लड़की को बहला-फुसलाकर केरल ले जाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रची गई। इस गंभीर प्रकरण में अब पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद ताज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। यह मामला तथाकथित लव-जिहाद और अंतरराज्यीय धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, फुलपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय दलित किशोरी 8 मई 2025 की रात अचानक लापता हो गई थी। परिवार की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मोहम्मद ताज नामक युवक, उसकी सहयोगी दरकशां बानो और मोहम्मद कैफ ने मिलकर किशोरी को बहला-फुसलाकर दिल्ली और फिर केरल के त्रिशूर ले गए, जहां उसे जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

किशोरी ने त्रिशूर रेलवे स्टेशन पर हिम्मत दिखाते हुए वहां की पुलिस से संपर्क किया और खुद को बचाया। बाद में प्रयागराज पुलिस उसे लेकर वापस आई और उसकी काउंसलिंग तथा सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। किशोरी के बयान ने मामले की जड़ें और भी गहरी कर दीं, जिसमें उसने बताया कि उसे उर्दू, अरबी भाषा सिखाने की जबरदस्ती की जा रही थी और धार्मिक कट्टरता से जुड़ी गतिविधियों में धकेला जा रहा था।

इस मामले में पहले ही दरकशां बानो और मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब प्रयागराज पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी मोहम्मद ताज को भी दबोच लिया है, जो इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। डीसीपी ट्रांस-गंगा कुलदीप सिंह गुनावत ने पुष्टि की है कि आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और उत्तर प्रदेश धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यूपी एटीएस और खुफिया एजेंसियों की भी इस प्रकरण में एंट्री हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो यह कोई अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो कमजोर वर्ग की लड़कियों को टारगेट कर उनका ब्रेनवॉश करने में जुटा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे किसी भी धर्मांतरण रैकेट को बख्शा न जाए। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

यह घटना न सिर्फ समाज को आईना दिखाती है, बल्कि यह चेतावनी भी देती है कि बेटियों की सुरक्षा अब केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज और सिस्टम की प्राथमिकता बननी चाहिए।

NGV PRAKASH NEWS

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