कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं नकली पनीर, कैसे करें असली और नकली में पहचान

Gyan Prakash Dubey


त्योहारों पर बाजार में नकली पनीर की बाढ़, स्वास्थ्य के लिए खतरा

त्योहारों का मौसम आते ही मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की मांग में भारी बढ़ोतरी होती है। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कई असामाजिक तत्व नकली पनीर बनाने और बेचने के धंधे में सक्रिय हो जाते हैं। यह नकली पनीर दिखने में असली जैसा होता है, लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल और घटिया सामग्री स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं।

कैसे बनता है नकली पनीर
जानकारों के अनुसार, नकली पनीर बनाने में सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट, स्टार्च, अरारोट, आलू पाउडर, रिफाइंड ऑयल और अन्य सस्ते केमिकल मिलाए जाते हैं। इनसे पनीर का आकार और रंग तो असली जैसा लगता है, लेकिन इसमें दूध का असली पोषण नहीं होता। कई बार फैक्ट्री मालिक पुराने और खराब दूध में फैट पाउडर मिलाकर भी पनीर तैयार करते हैं, जो पेट और लिवर के लिए बेहद हानिकारक होता है।

स्वास्थ्य पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे नकली पनीर का सेवन करने से फूड पॉयजनिंग, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, किडनी और लिवर डैमेज जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि त्योहारों के समय बाजार से पनीर या मिठाई खरीदते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।

कैसे करें पहचान
फूड एक्सपर्ट बताते हैं कि नकली पनीर की पहचान घर पर भी की जा सकती है।

  • असली पनीर को पानी में डालने पर वह टूटकर बिखर जाता है, जबकि नकली पनीर रबर जैसा सख्त रहता है।
  • असली पनीर को गर्म करने पर हल्की मिठास और दूध की खुशबू आती है, जबकि नकली पनीर से अजीब गंध निकलती है।
  • असली पनीर को हाथ से दबाने पर उसमें से दूध जैसा पानी निकलता है, जबकि नकली पनीर में ऐसा नहीं होता।

सरकारी कार्रवाई और जांच
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें बाजारों में सैंपल लेकर जांच करती हैं। पिछले साल कई जिलों में छापेमारी के दौरान क्विंटल भर नकली पनीर और मावा बरामद किया गया था। कई दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों पर केस दर्ज हुए, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सख्त निगरानी और कठोर सजा के बिना यह धंधा रुकना मुश्किल है।

जनजागरूकता जरूरी
त्योहारों में स्वाद और खुशी के साथ-साथ सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। लोगों को चाहिए कि वे पनीर, मावा और मिठाई विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदें और शक होने पर तुरंत खाद्य विभाग को सूचना दें।

निष्कर्ष
त्योहारों की मिठास में नकली पनीर का जहर न घुले, इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहना होगा। थोड़ी सी सावधानी न केवल सेहत बचा सकती है, बल्कि इन मिलावटखोरों के धंधे पर भी रोक लगा सकती है।

NGV PRAKASH NEWS


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *