

जबलपुर की धरती से निकली ‘सोने की नई सुबह’ — मध्य प्रदेश में मिला विशाल स्वर्ण भंडार, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर
जबलपुर, 09 अगस्त 2025 —
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में सोने की खोज ने पूरे प्रदेश और देश को रोमांचित कर दिया है। सिहोरा तहसील के महगवां केवलारी (बेला ग्राम पंचायत) क्षेत्र में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की टीम ने विशाल स्वर्ण भंडार का पता लगाया है। प्रारंभिक आकलन में यहां लाखों टन सोना भूमिगत होने की संभावना जताई गई है, जो राज्य की ही नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक ‘मील का पत्थर’ और गेम चेंजर साबित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, यह खोज लंबे समय से चल रहे भू-सर्वेक्षण और रासायनिक विश्लेषण का परिणाम है। वैज्ञानिकों ने न केवल सोना, बल्कि तांबा और अन्य मूल्यवान धातुओं की भी मौजूदगी की पुष्टि की है। अनुमान है कि यह भंडार लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जिससे आने वाले वर्षों में खनन परियोजनाओं को नया आयाम मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह भंडार व्यावसायिक खनन के लिए उपयुक्त साबित होता है, तो यह देश की विदेशी मुद्रा भंडार में इज़ाफा करेगा, आयात पर निर्भरता घटाएगा और सोने की कीमतों पर भी सकारात्मक असर डालेगा। यह खोज निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाएगी, जिससे भारत की आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार मिलेगी।
स्थानीय निवासियों में उत्साह का माहौल है। उनका मानना है कि यह खोज न केवल रोजगार के नए अवसर खोलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य बदल देगी। सरकार अब अगले चरण में विस्तृत ड्रिलिंग और आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन कराएगी। इसके बाद खनन की दिशा और निवेश संबंधी फैसले लिए जाएंगे।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो आने वाले समय में जबलपुर का नाम विश्व के प्रमुख स्वर्ण उत्पादन क्षेत्रों में शामिल हो सकता है, और भारत की आर्थिक कहानी में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा।
— NGV PRAKASH NEWS
