

कुटुंब या कुछ और
लखनऊ, 13 अगस्त 2025 — राजधानी के क्लार्क अवध होटल में सोमवार को करीब 40 क्षत्रिय विधायकों का एक अनोखा जुटान हुआ, जिसे ‘कुटुंब’ नाम दिया गया। पहली नज़र में यह एक पारिवारिक दावत लगी, लेकिन राजनीति के जानकार इसे सियासी संदेश से जोड़कर देख रहे हैं।
इस बैठक का आयोजन बीजेपी के एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त और मुरादाबाद के कुंदरकी से विधायक ठाकुर रामवीर सिंह की ओर से किया गया था। खास बात यह कि इसमें सत्तारूढ़ दल और विपक्ष — दोनों के ठाकुर विधायक शामिल हुए। सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह को इस आयोजन के पीछे रणनीतिक भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है।
‘कुटुंब परिवार’ नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में बीजेपी, सपा और बसपा के क्षत्रिय विधायक जुड़े हैं, जिसे एक मंच पर लाकर आपसी एकजुटता का संदेश देने की कोशिश समझी जा रही है। कार्यक्रम में हर विधायक को भगवान श्रीराम की मूर्ति, महाराणा प्रताप की तस्वीर और पीतल का त्रिशूल भेंट किया गया।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब यूपी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और योगी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार की अटकलें तेज हैं। आठ साल बाद ठाकुर विधायकों की इतनी बड़ी बैठक होना और उसे “सिर्फ पारिवारिक कार्यक्रम” बताना — दोनों बातें अपने आप में संकेत देती हैं कि आने वाले समय में ‘कुटुंब’ का यह मिलन सियासत में असर डाल सकता है।
NGV PRAKASH NEWS
