दिन में चलती थी गौशाला:रात में होता था…. का व्यापार

देह व्यापार का खौफनाक खुलासा, कोडवर्ड में होती थी डीलिंग

मुरादाबाद।
शहर में देह व्यापार रैकेट का एक बड़ा राज खुला है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह अपने ग्राहकों से कोडवर्ड में बातचीत करता था, ताकि गुप्त कारोबार का खुलासा न हो सके। अब पुलिस इन कोडवर्ड का भी विश्लेषण कर रही है। इस रैकेट में शामिल आरोपियों ने महिलाओं और युवतियों को बंधक बनाकर बेचने तक का काम किया।

जांच में पता चला कि गिरोह ने मुरैना की एक युवती को पीतल बस्ती में बेच दिया था, वहीं बाजपुर की एक महिला को कांशीराम नगर की गोशाला में बंधक बनाकर देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस ने दोनों को मुक्त कराकर कपिल, विजय ठाकुर और अवनीश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि फरार पिंकी और सचिन की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब इस गैंग पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा और धाराएं भी कड़ी की जाएंगी।

युवती को 80 हजार में बेचा गया
पुलिस की जांच में सामने आया कि करीब पांच माह पहले मुरैना की एक युवती परिवार से नाराज होकर दिल्ली पहुंची थी। वहीं रेलवे स्टेशन पर सचिन से मुलाकात हुई, जिसने नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवती को मुरादाबाद ले आया। यहां उसे पिंकी के पास ले जाया गया और गिरोह ने युवती को पीतल बस्ती के कपिल को 80 हजार रुपये में बेच दिया। मुरैना पुलिस की जांच में जब यह कड़ी सामने आई, तो मुरादाबाद पुलिस ने दबिश देकर युवती को मुक्त कराया और कपिल को हिरासत में लिया।

गोशाला बना अड्डा
इसी तरह बाजपुर की 30 वर्षीय महिला भी तीन माह पहले घर छोड़कर निकली थी। रेलवे स्टेशन पर विजय ठाकुर ने उसे काम का झांसा देकर कांशीराम नगर की एक गोशाला में पहुंचा दिया, जहां पिंकी उसे ग्राहकों के हवाले करती थी। बाद में विजय ने महिला को अपने कमरे में कैद कर लिया। पुलिस छापेमारी में महिला को बंधक हालत में बरामद किया गया।

अमरोहा निवासी अवनीश यादव ने करीब छह साल पहले गोशाला खोली थी। यहां 18 गायें रखी गई थीं, लेकिन पिंकी और सचिन ने इसे देह व्यापार रैकेट का ठिकाना बना दिया। सचिन रेलवे स्टेशन से लड़कियों को फंसाकर लाता और पिंकी उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाती।

मुठभेड़ में गिरफ्तारी
शुक्रवार रात हर्बल पार्क के पास पुलिस की मुठभेड़ में अवनीश यादव और विजय ठाकुर गिरफ्तार कर लिए गए। शनिवार को दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों सचिन, हसीन और विकास चौहान को भी पकड़ लिया। फरार पिंकी और सचिन की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

10 साल से सक्रिय गिरोह
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिंकी और सचिन पिछले 10 साल से इस धंधे में सक्रिय हैं। छह साल पहले गोशाला को ठिकाना बनाकर गिरोह ने महिलाओं की खरीद-फरोख्त और देह व्यापार का काम शुरू किया था।

गैंगस्टर एक्ट में होगी कार्रवाई
एसएसपी सतपाल अंतिल और एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया जा रहा है और जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर धाराएं और बढ़ाई जाएंगी।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *