20 बच्चों की मौत का कारण बने कफ सिरप कंपनी का मालिक हुआ गिरफ्तार.

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💊 छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: 20 बच्चों की मौत के बाद बड़ा एक्शन — कफ सिरप कंपनी का मालिक चेन्नई से गिरफ्तार

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप के सेवन से 20 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पाया गया कि कंपनी द्वारा निर्मित इस सिरप में 46.2 प्रतिशत डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया था — यह वही जहरीला रसायन है जो किडनी फेल होने का प्रमुख कारण बनता है और औद्योगिक उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

🧪 जहरीला सिरप बना बच्चों की मौत का कारण

श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बनाया गया यह सिरप बच्चों में सर्दी-खांसी के इलाज के लिए बाजार में बेचा जा रहा था। लेकिन इसकी जहरीली संरचना ने 20 मासूमों की जिंदगी छीन ली। DEG की इतनी अधिक मात्रा का सिरप में पाया जाना दवा निर्माण में गंभीर लापरवाही और नियामकीय ढिलाई को उजागर करता है।

👮‍♂️ चेन्नई में रंगनाथन की गिरफ्तारी, 20 हजार का इनाम घोषित था

छिंदवाड़ा पुलिस ने रंगनाथन की गिरफ्तारी के लिए 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी तलाश में मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम कई दिनों से तमिलनाडु में डेरा डाले थी। अंततः चेन्नई में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर आपूर्ति श्रृंखला और निर्माण प्रक्रिया में हुई चूक की गहराई से जांच कर रही है।

📝 एसआईटी गठित, पूरी आपूर्ति श्रृंखला की जांच

मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT यह पता लगाएगी कि जहरीला सिरप इतनी बड़ी मात्रा में बाजार तक कैसे पहुंचा और निर्माण से वितरण तक कहां-कहां लापरवाही हुई। साथ ही दवा नियामक एजेंसियों की भूमिका और निगरानी प्रणाली की भी समीक्षा की जा रही है।

🏥 प्रशासन सतर्क, उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने के आदेश

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल प्रभावित परिवारों को सहायता देने और अन्य बच्चों को बचाने के लिए कदम उठाए हैं। सरकार ने श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के सभी उत्पादों की जांच कराने और बाजार से उन्हें वापस मंगाने के निर्देश जारी किए हैं।

यह मामला न केवल एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य त्रासदी है, बल्कि यह दवा निर्माण और वितरण तंत्र में सुधार की तत्काल आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। जांच एजेंसियां अब कंपनी के अन्य कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही हैं, ताकि इस घोटाले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

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