

बस्ती: बाल श्रम के खिलाफ अभियान में 8 नाबालिगों को कराया गया सुरक्षित रेस्क्यू, नियोक्ताओं पर कानूनी कार्रवाई
बस्ती, 14 अक्टूबर 2025
उत्तर प्रदेश में बाल श्रम के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत बस्ती पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने जिले के गौर, वाल्टरगंज और कोतवाली थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर 8 नाबालिग बाल श्रमिकों को विभिन्न दुकानों, ढाबों और गैराजों से मुक्त कराया। संबंधित नियोक्ताओं के खिलाफ श्रम विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई की गई है।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस (12 जून 2025) के अवसर पर संपूर्ण प्रदेश में “Pan India Rescue and Rehabilitation Campaign 3.0” के तहत बाल श्रम चिन्हांकन, उन्मूलन एवं पुनर्वास अभियान संचालित किए जाने के निर्देश शासन स्तर से जारी किए गए थे। इसी के अनुपालन में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार तथा अपर पुलिस अधीक्षक (नोडल अधिकारी AHTU) के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
सूचना के आधार पर AHTU प्रभारी विनय कुमार पाठक के नेतृत्व में थाना AHTU बस्ती की टीम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी नागेंद्र त्रिपाठी तथा चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने संयुक्त अभियान चलाया। टीम ने गौर, वाल्टरगंज और कोतवाली थाना क्षेत्रों में सात ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 8 नाबालिग बाल श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराते हुए सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें उनके अभिभावकों को सुपुर्द कर दिया गया।
श्रम विभाग की टीम ने नियोक्ताओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। साथ ही आम जनमानस को बाल श्रम के संबंध में जागरूक करते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। इस संदर्भ में शासन द्वारा जारी आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1090, 1098, 108, 112, 1076 और 181 की जानकारी भी दी गई ताकि लोग ऐसे मामलों की तुरंत सूचना दे सकें।
इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य जिले में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति जैसी गतिविधियों को जड़ से समाप्त कर बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है।
📝 NGV PRAKASH NEWS
