डॉक्टर आत्महत्या केस में आया नया ट्विस्ट..

NGV PRAKASH NEWS

डॉक्टर की आत्महत्या केस ने मचाया बवाल — आईटी इंजीनियर और पुलिस उप-निरीक्षक गिरफ्तार, हथेली पर लिखा सुसाइड नोट बना सबूत

पुणे, 26 अक्टूबर 2025।
महाराष्ट्र के सतारा जिले में फलटन उपजिला अस्पताल की एक 28 वर्षीय महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने इस मामले में पुणे के एक आईटी इंजीनियर और एक पुलिस उप-निरीक्षक को गिरफ्तार किया है। डॉक्टर ने मरने से पहले अपनी हथेली पर सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें दोनों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था।

यह मामला अब तेजी से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर और गिरफ्तार आईटी इंजीनियर के बीच पिछले एक साल से जान-पहचान थी।

पुलिस ने फार्महाउस नहीं, घर से की गिरफ्तारी

गिरफ्तार इंजीनियर के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने मीडिया में गलत जानकारी दी है। इंजीनियर की बहन ने बताया कि,

“रिपोर्ट में कहा गया कि मेरे भाई को पुणे के फार्महाउस से गिरफ्तार किया गया, जबकि सच्चाई यह है कि उसे फलटन स्थित हमारे घर से पुलिस ने सरेंडर के दौरान पकड़ा। हमने खुद उसे आत्मसमर्पण की सलाह दी थी।”

परिवार ने यह भी दावा किया कि उनके भाई के सोशल मीडिया और कॉल डिटेल पुलिस को सौंप दिए गए हैं।

किराएदार थी डॉक्टर, परिवार जैसा संबंध था

परिवार के अनुसार, डॉक्टर पिछले एक साल से उनके घर में किराए पर रह रही थी और ₹4,000 मासिक किराया देती थी। इंजीनियर की बहन ने बताया कि डॉक्टर परिवार के बेहद करीब थी —

“वह हमारे लिए परिवार जैसी थी, मेरी मां उसे अपनी बेटी की तरह मानती थी। दिवाली के पहले वह थोड़ी तनाव में दिख रही थी, लेकिन हमने सोचा यह काम का तनाव होगा।”

डेंगू के इलाज से शुरू हुई जान-पहचान

जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले जब इंजीनियर डेंगू से पीड़ित हुआ था, तब डॉक्टर ने उसका इलाज किया था। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और बाद में संपर्क बना रहा। बताया जा रहा है कि करीब 15 दिन पहले डॉक्टर ने इंजीनियर से शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने ठुकरा दिया।

चैट और कॉल रिकॉर्ड से खुलेंगे राज

सतारा पुलिस को दोनों के बीच की कॉल रिकॉर्डिंग और चैट हिस्ट्री मिली है, जिनमें डॉक्टर ने खुद के तनाव और दबाव की बातें की हैं। पुलिस इन चैट्स की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या वाकई किसी तरह का ब्लैकमेल या मानसिक दबाव था।

चार दिन की पुलिस रिमांड

सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने बताया कि इंजीनियर को आज सुबह गिरफ्तार किया गया, जबकि उप-निरीक्षक ने देर रात फलटन ग्रामीण पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। अदालत ने इंजीनियर को 28 अक्टूबर तक चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

हथेली पर लिखा था सुसाइड नोट

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले अपनी हथेली पर सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने इंजीनियर और सब-इंस्पेक्टर को इस कदम के लिए जिम्मेदार बताया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डॉक्टर और उप-निरीक्षक के बीच पहले से कोई व्यक्तिगत संबंध तो नहीं था।

एसपी दोशी ने कहा — “सच्चाई सामने लाना चुनौती है”

एसपी तुषार दोशी ने कहा,

“यह बेहद संवेदनशील मामला है। एक महिला डॉक्टर ने अपनी जान दी है, इसलिए हर पहलू को गंभीरता से जांचा जा रहा है। तकनीकी साक्ष्य और व्हाट्सएप चैट के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाएगी। अभी तक डॉक्टर ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, इसलिए यह जांच हमारे लिए चुनौतीपूर्ण है।”

मामला लगातार तूल पकड़ रहा है और अब यह देखना बाकी है कि सुसाइड नोट और डिजिटल सबूतों से पुलिस किस निष्कर्ष पर पहुँचती है।

— NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *