

Gyan Prakash Dubey
कप्तानगंज थानाध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव पर पक्षपात के आरोप, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार
बस्ती। 07 नवंबर 2025।
कप्तानगंज थानाध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। तैनाती के बाद से लगातार चर्चाओं में रहे थानाध्यक्ष पर इस बार निष्पक्ष विवेचना को प्रभावित करने, धाराओं का अल्पीकरण करने और पीड़ित पक्ष के साथ पक्षपात का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता धनवन्ता देवी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है और मुकदमे की विवेचना किसी अन्य थाना या क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित किए जाने की मांग की है।
मामला कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम अवस्थीपुर (महुवारे) का है। पीड़िता धनवन्ता देवी पत्नी हरिराम ने आरोप लगाया है कि गत 8 अक्टूबर 2025 को अखिलेश मुलायम यादव, अजय उर्फ पिंटू, जंगबहादुर पुत्र रामशंकर और दो अज्ञात व्यक्तियों ने साजिश रचकर उनके बेटे राम अवतार पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल राम अवतार को कैली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया।
पीड़िता के अनुसार, इस मामले में स्थानीय थाने पर धारा 109, 191(3), 324(4), 61(2), 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन अब थानाध्यक्ष कप्तानगंज अतुल श्रीवास्तव और विवेचक वीरेंद्र कुमार राय पर आरोप है कि वे अभियुक्तों के नाम निकालने और धाराओं का अल्पीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, धनवन्ता देवी का कहना है कि थानाध्यक्ष के दबाव में विवेचक उनके बेटे के खिलाफ बयान दर्ज करा रहे हैं, जिससे पूरे मामले की दिशा बदलने का प्रयास हो रहा है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि बिना महिला पुलिस के, कप्तानगंज थाने की टीम ने घर में घुसकर महिलाओं को प्रताड़ित किया। पुलिस की इस कार्रवाई से आहत होकर उन्होंने पहले पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई न होने पर अब पुलिस उपमहानिरीक्षक से न्याय की मांग की है।
धनवन्ता देवी ने अपने पत्र में कहा है कि कप्तानगंज थानाध्यक्ष की कार्यशैली पक्षपातपूर्ण है और उनके रहते निष्पक्ष विवेचना संभव नहीं है। उन्होंने मांग की है कि मामले को कप्तानगंज थाना से हटाकर किसी अन्य थाना या क्राइम ब्रांच को सौंपा जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
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