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परिवार से नाता तोड़ने के बाद रोहिणी आचार्य का नया आरोप—“मुझे गालियां दी गईं, चप्पल उठाकर मारने की कोशिश की गई”
15 नवंबर 2025।
बिहार चुनाव नतीजों के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने के ऐलान के एक दिन बाद मामला और गंभीर हो गया है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर नई पोस्ट डालकर आरोपों की एक और परत खोल दी है। उन्होंने लिखा कि शुक्रवार को उन्हें अपमानित किया गया, गंदी गालियां दी गईं और उन्हें मारने के लिए चप्पल तक उठाई गई।
रोहिणी ने कहा कि उन्होंने अपने स्वाभिमान और सच के साथ समझौता नहीं किया, और इसी कारण उन्हें यह अपमान सहना पड़ा। उन्होंने लिखा— “एक बेटी, एक बहन, एक विवाहिता और एक मां को कल अपमानित किया गया। मुझे मायका छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया।” उन्होंने अपनी पोस्ट में अपील की कि किसी भी परिवार में कोई बेटी या बहन उनके जैसी स्थिति का सामना न करे।
पटना एयरपोर्ट पर रोते हुए बोलीं—“मेरा कोई परिवार नहीं”
शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए रोहिणी फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि संजय यादव, रमीज और तेजस्वी यादव ने उन्हें परिवार से बाहर किया है। उन्होंने सवाल उठाया— “हार की जिम्मेदारी कौन लेगा? चाणक्य बने लोग जवाब दें कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ?”
इस बयान ने आरजेडी के भीतर पहले से चल रहे मतभेद को खुलकर सामने ला दिया है।
संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप
रोहिणी ने दावा किया कि संजय यादव और रमीज ने उन्हें गालियां दीं, चप्पल उठाकर मारने की कोशिश की और घर से बाहर निकाल दिया। यह विवाद तब उफान पर आया जब शनिवार रात रोहिणी पटना के लालू-राबड़ी आवास से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। रोहिणी का कहना है कि पार्टी की हार की जिम्मेदारी से बचने के लिए उन पर निशाना साधा गया।
तेजप्रताप का भी परिवार से अलगाव
इससे पहले तेजप्रताप यादव को भी परिवार और पार्टी दोनों से बाहर कर दिया गया था। उन पर शादी के बाद भी एक युवती से संबंध रखने के आरोप लगे थे। इसके बाद तेजप्रताप ने अपनी नई पार्टी—जनशक्ति जनता दल—बनाई और 2025 के बिहार चुनाव में उम्मीदवार उतारे।
रोहिणी की राजनीतिक भूमिका
रोहिणी आचार्य ने 2024 लोकसभा चुनाव में छपरा से आरजेडी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान वह राघोपुर में तेजस्वी यादव के लिए वोट मांगने पहुंचीं। महुआ में वह तेजप्रताप के लिए नहीं गईं, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं जरूर दीं।
रोहिणी के लगातार खुलासों ने आरजेडी की चुनावी हार के बीच नए विवाद को जन्म दे दिया है। पार्टी के भीतर टूट और आरोपों की यह स्थिति आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और बढ़ा सकती है।
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⏩ समाचार स्रोत ए एन आई और पीटीआई
