रोहिणी के बाद यूपी के इस नेता ने लगाये रमीज पर सनसनी खेज आरोप..

⏩ऐसे ही नहीं लगते राजद पर गुंडागर्दी के आरोप..

रमीज को लेकर नया विवाद तेज, तुलसीपुर चेयरमैन अफरोज आलम ने लगाए गंभीर आरोप
NGV PRAKASH NEWS

बलरामपुर, 16 नवंबर 2025।
बिहार चुनाव परिणामों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में चल रही उथल-पुथल अब और गहराई लेती जा रही है। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला और गरमाया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि उन्हें परिवार और पार्टी से बाहर करने में संजय, रमीज और तेजस्वी यादव का हाथ है। रोहिणी ने भावुक संदेश में लिखा कि “मेरा अब कोई परिवार नहीं है,” जिसके बाद पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई।

रोहिणी के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर नगर पंचायत के चेयरमैन अफरोज आलम का बयान सामने आया है। अफरोज ने एक वीडियो जारी कर रमीज नेमत पर कई गंभीर आरोप लगाए। अफरोज ने कहा कि वह रोहिणी का दर्द अच्छी तरह समझ सकते हैं, क्योंकि रमीज का आपराधिक इतिहास पहले से विवादों में रहा है।

अफरोज आलम के मुताबिक, रमीज पूर्व सांसद रिजवान जहीर का दामाद है और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रमीज उनके भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। जेल से जमानत मिलने के बाद उसने सीधे बिहार में तेजस्वी यादव के पास राजनीतिक संरक्षण ले लिया।

अफरोज ने वीडियो में कहा कि रमीज को उत्तर प्रदेश में कोई ठिकाना नहीं मिल रहा था, इसलिए उसने बिहार में पनाह ली। उन्होंने आरोप लगाया कि रमीज ने लालू परिवार के भीतर भी विवाद और मारपीट जैसी स्थितियां पैदा करा दीं। अफरोज ने सवाल उठाया कि तेजस्वी यादव जैसे बड़े राजनीतिक परिवार के नेता एक “अपराधी प्रवृत्ति” वाले व्यक्ति को अपने करीब रखकर किस तरह की राजनीति करना चाहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि रमीज के ससुर रिजवान जहीर यूपी के टॉप-10 माफिया में शामिल रहे हैं और वर्तमान में ललितपुर जेल में बंद हैं। अफरोज के अनुसार, रमीज, उसकी पत्नी और उसके ससुर समेत कई लोग उनके भाई की हत्या के मामले में आरोपी हैं और उन पर गुंडा एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं।

अफरोज आलम ने कहा कि जैसे उनके परिवार को रमीज ने बर्बाद किया, वैसे ही अब लालू परिवार भी उसी स्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने बिहार की आने वाली सरकार से भी अपील की कि ऐसे आरोपियों को वहां किसी तरह का संरक्षण न दिया जाए।

रोहिणी के आरोपों और अफरोज के बयान के बाद रमीज नेमत को लेकर राजनीतिक विवाद और अधिक गहरा हो गया है। RJD खेमे की चुप्पी इस मुद्दे को और पेचीदा बना रही है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे लालू परिवार के अंदरूनी संकट का गंभीर संकेत मान रहे हैं।

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