प्रधान के ऊपर हत्या की नीयत से फायर करने वाले आरोपी आये गिरफ्त में…….

Gyan Prakash Dubey -NGV PRAKASH NEWS


ग्राम प्रधान की हत्या के प्रयास का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

बस्ती, 11 जनवरी 2026 —
थाना वाल्टरगंज पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम मझौवा खुर्द के प्रधान विनोद राजभर की हत्या के प्रयास से जुड़े तीन आरोपियों को देशी तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस ने साजिश, सुपारी और पूरी योजना का खुलासा किया है।

घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत तथा क्षेत्राधिकारी सदर सतेंद्र भूषण त्रिपाठी की मौजूदगी में बताया कि -घटना 21 दिसंबर 2025 की है, जब ग्राम प्रधान विनोद राजभर बाजार से चाय पीकर बाइक द्वारा लौट रहे थे। रास्ते में एक पुलिया के पास तीन युवकों ने उन्हें हाथ देकर रोका और उन पर फायरिंग कर दी। एक गोली उनके दाहिने हाथ में लगी थी। मौके से दो खोखा कारतूस बरामद हुए थे। इस मामले में थाना वाल्टरगंज में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सामने आए आरोपियों को 11 जनवरी 2026 को महदेवा पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से एक देशी तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस और 5750 रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिसे पुलिस सुपारी की रकम बता रही है। गिरफ्तारी के बाद मामले में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में सुखपाल वर्मा निवासी मझौवा खुर्द, अमन उपाध्याय निवासी पकड़ी हृदयी और हिमांशु आजाद निवासी भुअर निरंजनपुर शामिल हैं। पूछताछ में हिमांशु आजाद ने बताया कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सुखपाल वर्मा था, जो खुद ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ना चाहता था। उसका मकसद वर्तमान प्रधान विनोद राजभर की हत्या कराकर इस मामले में पूर्व प्रधान जुग्गीलाल को फंसाना और फिर खुद चुनाव लड़कर प्रधान बनना था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि सुखपाल वर्मा ने सल्टौवा निवासी बृजेश सिंह से 3 लाख 20 हजार रुपये में हत्या की सुपारी तय की थी, जिसमें से 70 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। इसके बाद हिमांशु और अमन के जरिए शूटरों की व्यवस्था की गई। अमन ने प्रिंस यादव और जिगर यादव को तय कर बृजेश सिंह से मिलवाया और पूरी योजना समझाई गई।

घटना वाले दिन हिमांशु, प्रिंस और जिगर अपाचे बाइक से पहले चाय की दुकान पहुंचे लेकिन भीड़ होने के कारण वहां वारदात नहीं की गई। इसके बाद पुलिया के पास प्रधान को निशाना बनाया गया और फायरिंग कर फरार हो गए। पहचान से बचने के लिए सभी अपने मोबाइल फोन घर पर छोड़कर गए थे।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

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