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दहेज उत्पीड़न केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत, चौकी इंचार्ज और सिपाही 20 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
वाराणसी, 29 जनवरी 2026.
प्राप्त जानकारी के अनुसार वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है, जहां दहेज उत्पीड़न के एक मुकदमे में नाम हटाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज और एक सिपाही को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सिगरा थाना क्षेत्र की काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी में की गई।
आरोप है कि काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा ने दहेज उत्पीड़न के मुकदमे से नाम हटाने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता से पहले 20 हजार रुपये लेने की बात तय हुई थी। रिश्वत की यह रकम सिपाही गौरव द्विवेदी के माध्यम से लेने की योजना बनाई गई थी। एंटी करप्शन टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और 20 हजार रुपये लेते समय दोनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया।
एंटी करप्शन की टीम के अनुसार, रुपये नहीं देने पर विवेचना में धाराएं बढ़ाने और जेल भेजने की धमकी भी दी गई थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने तत्काल प्रभाव से दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार मामले की जड़ सिगरा थाने में दर्ज एक दहेज उत्पीड़न केस से जुड़ी है। चंदुआ (छित्तूपुर) के हरिनगर निवासी ममता गुप्ता ने 6 अगस्त को पति प्रह्लाद गुप्ता समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि पूर्व में चोलापुर थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न के एक अन्य मामले में प्रह्लाद गुप्ता करीब एक साल तक जेल में रहा था। रिहाई के बाद मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाते हुए ममता के साथ मारपीट और धमकी दी गई थी। इसी मामले की विवेचना चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे।
आरोपी पति प्रह्लाद गुप्ता ने विवेचक द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की थी। शिकायत के मुताबिक, चौकी पर बुलाकर 50 हजार रुपये की मांग की गई और पहले 20 हजार रुपये देने को कहा गया। तय योजना के अनुसार, बुधवार को प्रह्लाद गुप्ता चौकी पहुंचा और जब उसने रुपये दिए तो सिपाही गौरव द्विवेदी ने रकम अपनी जैकेट की जेब में रख ली। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सिगरा थाने के कई पुलिसकर्मी आरोपी पुलिसकर्मियों के समर्थन में सामने आ गए। पहले काशी विद्यापीठ चौकी और फिर लालपुर-पांडेयपुर थाने पर हंगामा हुआ। एंटी करप्शन टीम के साथ कहासुनी और धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी। हालात काबू में रखने के लिए कैंट थाने की पुलिस को बुलाना पड़ा। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें आरोपी सिपाही अपनी जैकेट की जेब से रुपये निकालकर फेंकते नजर आ रहा है। एंटी करप्शन संगठन ने दावा किया है कि उनके पास वीडियो, तस्वीरें और अन्य पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं।
इस बीच आरोपी चौकी इंचार्ज की पत्नी शिवानी ने एक वीडियो जारी कर अपने पति को निर्दोष बताते हुए एंटी करप्शन टीम पर फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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