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‘यह बच्चा नहीं, आग है’ — 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में इतिहास लिख दिया
06 फरवरी 2026.
क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी ऐसी पारी देखने को मिलती है, जो स्कोरकार्ड से निकलकर सीधे यादों में दर्ज हो जाती है। शुक्रवार को हरारे में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में भारत के 14 वर्षीय बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने ठीक वैसा ही कर दिखाया। 80 गेंदों पर 175 रन की तूफ़ानी पारी… ऐसा कारनामा जिसे देखकर न सिर्फ़ दर्शक, बल्कि दिग्गज क्रिकेटर और कमेंटेटर भी अवाक रह गए।
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फ़ाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत ऐरन जॉर्ज के साथ की और पहले ही ओवर से साफ़ कर दिया कि वह दबाव नहीं, गेंदबाज़ों पर हमला करने आए हैं। मैदान के चारों कोनों में पड़े स्ट्रोक्स, आसमान छूते छक्के और बिजली जैसी तेज़ बैटिंग ने हरारे के स्टेडियम को गवाह बना दिया कि भारतीय क्रिकेट की नई कहानी लिखी जा रही है।
15 छक्के, 15 चौके और लगभग 219 का स्ट्राइक रेट — वैभव की इस विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। यह सिर्फ़ रन नहीं थे, यह एक संदेश था कि उम्र अब प्रतिभा की सीमा तय नहीं करती।
मैच के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
किसी ने लिखा — “14 साल की उम्र में इतनी ताक़त, अकल्पनीय”, तो किसी ने कहा — “बच्चे जैसी शक्ल, लेकिन कंधों में गज़ब की ताक़त”। कई फ़ैंस के लिए वैभव अब ‘बच्चा’ नहीं, बल्कि ‘फ़ायर’ बन चुके हैं।
क्रिकेट कमेंटेटर इयान विशप ने एक्स पर लिखा, “आज मैंने जो देखा, उस पर यक़ीन करना मुश्किल था। यह लड़का — और सच में यह एक लड़का ही है — वाक़ई ग़ज़ब का है।”
पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज़ ने लिखा, “आज उसने सूरज की तरह बल्लेबाज़ी की — तेज़, चकाचौंध करने वाली और रोकी न जा सकने वाली। इंग्लैंड ने हर कोशिश की, लेकिन सूरज को कोई नहीं रोक सकता।”
वहीं ने वैभव की पारी को “वर्ल्ड कप फ़ाइनल में खेली गई असाधारण और दबदबे वाली बैटिंग” बताया।
वीरेंद्र सहवाग ने कहा “जो वैभव को जानते हैं, वे जानते हैं कि वह ख़ास है। आज उसने एक बार फिर इसे साबित कर दिया — 80 गेंदों पर 175 रन, जिनमें सिर्फ़ बाउंड्री से 150 रन।”
यह पारी अचानक नहीं आई। दिसंबर 2025 में अंडर-19 एशिया कप में यूएई के ख़िलाफ़ 95 गेंदों पर 171 रन, उसी महीने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में महाराष्ट्र के ख़िलाफ़ ईडन गार्डन में 61 गेंदों पर 108 रन — और सबसे कम उम्र में शतक का रिकॉर्ड। इसके बाद इंडिया ए के लिए एसीसी एशिया कप राइजिंग स्टार मुकाबले में 42 गेंदों पर 144 रन, और विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में अरुणाचल प्रदेश के ख़िलाफ़ 84 गेंदों पर 190 रन।
💥वैभव सूर्यवंशी ने न सिर्फ़ लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाया, बल्कि 36 गेंदों में शतक जड़ते हुए एबी डिविलियर्स के 64 गेंदों पर 150 रन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया — उन्होंने यह आंकड़ा महज़ 49 गेंदों में पार कर लिया।
📍अंडर-19 वर्ल्ड कप फ़ाइनल की यह पारी अब सिर्फ़ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक बन चुकी है। 14 साल की उम्र में इतनी परिपक्वता, इतनी ताक़त और इतना आत्मविश्वास — यह बताने के लिए काफ़ी है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है, जो अभी उग रहा है, लेकिन उसकी चमक अभी से आंखें चौंधिया रही है।
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