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मौसम बदलते ही बढ़ते त्वचा संक्रमण के मामले, खुजली-एलर्जी और दाद से कैसे करें बचाव
बस्ती, 08 फरवरी 2026.
मौसम में बदलाव के साथ ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। इस मौसम में खासकर खुजली, एलर्जी, दाद, फंगल इंफेक्शन और चकत्तों के मामले इन दिनों ज्यादा आ रहे हैं। हल्की ठंड, नमी, पसीना और साफ-सफाई में लापरवाही त्वचा संक्रमण को बढ़ाने का बड़ा कारण बन रही है।
📍 त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
इस मौसम में सबसे आम समस्या खुजली और फंगल इंफेक्शन की होती है। पसीना शरीर की सिलवटों जैसे बगल, जांघों के बीच, कमर और गर्दन में जमा हो जाता है और लंबे समय तक नमी बने रहने से फंगल और बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे दाद, रिंगवर्म और जलन जैसी परेशानी शुरू हो जाती है।
ऐसे में लोग बिना डॉक्टर की सलाह के जल्द ठीक होने के लिए स्टेरॉयड क्रीम प्रयोग कर लेते हैं, जिससे बीमारी दब तो जाती है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होती और बाद में गंभीर रूप ले लेती है।
इस मौसम में एलर्जी की समस्या भी ज्यादा देखने को मिलती है। धूल-मिट्टी, बदलता तापमान, सिंथेटिक कपड़े और कुछ केमिकल युक्त साबुन या डिटर्जेंट त्वचा पर रैशेज और खुजली पैदा कर सकते हैं।
इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर होता है क्यों की इनकी त्वचा अधिक संवेदनशील होती है, जिससे उनको संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है।
त्वचा विशेषण के अनुसार त्वचा संक्रमण से बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई। रोज नहाना, पसीना आने पर शरीर को सूखा रखना और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनना बेहद जरूरी है। एक ही कपड़ा कई दिन तक पहनने या गीले कपड़े देर तक शरीर पर रखने से बचना चाहिए। नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह पोंछें, खासकर शरीर के उन हिस्सों पर जहां पर नमी ज्यादा देर तक बनी रह सकती है।
साबुन और क्रीम का चयन भी अहम है और इसका चुनाव काफी सतर्कता के साथ करना चाहिए। बहुत ज्यादा खुशबूदार या केमिकल युक्त साबुन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हल्के और त्वचा के अनुकूल साबुन का प्रयोग बेहतर माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार साबुन पर लिखी ग्रेड के अनुसार ए ग्रेड तथा 72% या उसके ऊपर टोटल फैटी मटेरियल ( TFM ) के साबुन का ही प्रयोग करें | उचित होगा कि यदि संक्रमण है तो अपने डॉक्टर के सलाह से ही साबुन का प्रयोग करें |
यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी एंटी-फंगल या स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण और फैल सकता है।
💥जिन लोगों को पहले से दाद, खुजली या एलर्जी की समस्या है, उन्हें अपने कपड़े, तौलिया और बिस्तर अलग रखने चाहिए। इन्हें रोज धूप में सुखाना चाहिए ताकि कीटाणु नष्ट हो सकें। संक्रमित व्यक्ति के कपड़े या तौलिया दूसरे लोग इस्तेमाल न करें, इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
📍खान-पान का भी त्वचा स्वास्थ्य से सीधा संबंध है। बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड त्वचा की समस्या को बढ़ा सकता है। पर्याप्त पानी पीना, हरी सब्जियां, फल और संतुलित आहार लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।
यदि खुजली, लाल चकत्ते, छाले या दाद की समस्या कई दिनों तक बनी रहे, फैलती जाए या जलन ज्यादा हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। शुरुआती इलाज से बीमारी जल्दी ठीक हो जाती है और गंभीर रूप लेने से बच जाती है।
👉त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि त्वचा संक्रमण कोई बड़ी बीमारी नहीं है, लेकिन लापरवाही इसे गंभीर बना सकती है। साफ-सफाई, सही कपड़े, संतुलित आहार और समय पर इलाज से न सिर्फ मरीज बल्कि सामान्य लोग भी इन संक्रमणों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
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