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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल, IIM लखनऊ की स्टडी में बड़े बदलाव का खुलासा
लखनऊ अयोध्या, 18 फरवरी 2026.
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ की एक केस स्टडी में खुलासा हुआ है कि मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटन, निवेश, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
स्टडी के अनुसार मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या की पहचान मुख्य रूप से एक धार्मिक तीर्थस्थल तक सीमित थी, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन और आर्थिक केंद्र के रूप में तेजी से उभरा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व 20 हजार से 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पहले की तुलना में कई गुना अधिक है।
अध्ययन में यह भी सामने आया है कि आतिथ्य, परिवहन, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। अनुमान है कि अगले चार से पांच वर्षों में इन क्षेत्रों में करीब 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से देशभर में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापारिक कारोबार हुआ, जिसमें अयोध्या की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रही है।
हर दिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से होटल और पर्यटन उद्योग को नई गति मिली है। अयोध्या में 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि कई बड़े होटल समूह भी यहां निवेश कर रहे हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर होटल बुकिंग में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न और मूर्तियों की मांग में भी तेज वृद्धि हुई है, जिससे कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को सीधा लाभ मिला है। रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या में लगभग 6 हजार एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं और छोटे दुकानदारों व रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की दैनिक आय बढ़कर करीब ढाई हजार रुपये तक पहुंच गई है। यह बदलाव अयोध्या को धार्मिक नगरी के साथ-साथ एक मजबूत आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
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